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सहारनपुर का ऐतिहासिक गुघाल मेला, करोड़ों के टेंडर पर सजा 23 दिन का जश्न... नए झूले और धमाकेदार शो ने खींची लोगों की भारी भीड़

सहारनपुर का ऐतिहासिक गुघाल मेला इन दिनों श्रद्धा, मनोरंजन और खरीदारी का बड़ा केंद्र बना हुआ है. हर साल काली मंदिर से भव्य तरीके से आयोजित होने वाला यह मेला कई दशकों से सहारनपुर की पहचान बना हुआ है.

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सहारनपुर का ऐतिहासिक गूघाल मेला सहारनपुर का ऐतिहासिक गूघाल मेला

सहारनपुर का ऐतिहासिक गुघाल मेला इन दिनों श्रद्धा, मनोरंजन और खरीदारी का बड़ा केंद्र बना हुआ है. हर साल काली मंदिर से भव्य तरीके से आयोजित होने वाला यह मेला कई दशकों से सहारनपुर की पहचान बना हुआ है. मान्यता है कि जाहरवीर गोगा जी से जुड़ी आस्था के बाद गोगामेड़ी में तीन दिन का मेला लगता है और इसके बाद काली मंदिर में गुघाल मेले का आयोजन किया जाता है. समय के साथ मेले का स्वरूप लगातार भव्य होता गया और इसमें धार्मिक आयोजन के साथ मनोरंजन, व्यापार और सामाजिक मेलजोल भी जुड़ता चला गया.

इस बार मेले में देश-विदेश के कलाकारों और आधुनिक मनोरंजन के साधनों को शामिल किया गया है. मेले में विदेशी कलाकारों का जलपरी शो लोगों के बीच खास आकर्षण बना हुआ है. बच्चों के लिए हंसी घर और कई नए तरह के झूले लगाए गए हैं. गुजरात से लाए गए आधुनिक झूले लोगों का ध्यान खींच रहे हैं. आयोजकों का दावा है कि इस बार ऐसे कई झूले लगाए गए हैं, जिन्हें सहारनपुर के लोगों ने पहले यहां नहीं देखा है. ग्रैविटी वाला झूला भी युवाओं और बच्चों के बीच खासा लोकप्रिय हो रहा है.

छोटे बच्चों के लिए भी खास झूले और मनोरंजन के साधन
मेले की एक और खासियत मारुति सर्कस है, जिसमें मोटरसाइकिल समेत कई रोमांचक करतब देखने को मिलेंगे. मेला प्रबंधक सनी गुप्ता के मुताबिक इस बार छोटे बच्चों के लिए भी खास झूले और मनोरंजन के साधन लाए गए हैं. उन्होंने बताया कि मेले का उद्घाटन 24 तारीख को मंत्री और मेयर द्वारा किया गया था और यह 16 तारीख तक चलेगा. सनी गुप्ता का कहना है कि उनकी टीम वर्ष 2001 से मेलों का आयोजन कर रही है और लखनऊ महोत्सव, नोएडा महोत्सव, ताज महोत्सव और कानपुर महोत्सव जैसे बड़े आयोजनों से भी जुड़ी रही है.

गुघाल मेला सिर्फ मनोरंजन का जरिया नहीं बल्कि सहारनपुर की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा भी है. मेले में आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, जिससे व्यापारियों को भी अच्छी कमाई का मौका मिलता है. श्रद्धालुओं और दर्शकों की सुरक्षा के लिए मेले में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस लगातार गश्त कर रही है. मेला प्रबंधक सनी गुप्ता ने लोगों से परिवार और बच्चों के साथ मेले में आने की अपील की है. उनका कहना है कि यह मेला सभी धर्मों, बिरादरियों और जातियों को जोड़ने के साथ भाईचारे और हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश भी देता है.

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