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अंग्रेज चले गए, कर्ज बाकी, रूठिया परिवार ने अंग्रेजों को दिया था 35 हजार का कर्ज, 109 साल बाद पोते ने नोटिस भेजा, ब्रिटिश सरकार ने दस्तावेज मांगे

सीहोर के रूठिया परिवार का दावा है कि उनके दादा सेठ जुम्मालाल रूठिया ने ब्रिटिश हुकूमत को करीब 109 साल पहले 35 हजार रुपए का कर्ज दिया था. अब परिवार ने यह रकम ब्याज समेत वापस लेने के लिए कानूनी नोटिस भेजा है.

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Family’s 109-Year-Old Claim Family’s 109-Year-Old Claim
हाइलाइट्स
  • दादा ने ब्रिटिश हुकूमत को दिया था 35 हजार का कर्ज

  • ब्रिटिश सरकार ने दस्तावेज मांगे

ब्रिटिश हुकूमत ने 109 साल पहले सीहोर के रूठिया परिवार से 35 हजार का कर्ज लिया था, जिसे ब्याज सहित अपना हक मांगने को लेकर अधिवक्ता के माध्यम से नोटिस ब्रिटिश सरकार को भेजा गया, जिसके बाद उनका जवाब आया है और कर्ज के सभी दस्तावेज और परिवार की जानकारी मांगी गई है.

कानूनी नोटिस भेजकर कर्ज वापस लेने की मांग
जानकारी के अनुसार सीहोर निवासी विवेक रूठिया और उनके भाई विनय रूठिया ने दावा किया है. उनके दादा सेठ जुम्मालाल रूठिया द्वारा ब्रिटिश हुकूमत के दौरान सरकार को कर्ज दिया था, जो कर्ज आज तक वापस नहीं किया गया है. 109 साल पुराने इस कर्ज को वह वापस लेने के लिए कानूनी नोटिस भेजा गया, जिस पर उनको मेल एवं अन्य माध्यम से जवाब आया है. ब्रिटिश सरकार ने जवाब देते हुए कर्ज के सभी दस्तावेज और परिवार की जानकारी मांगी गई है.

भोपाल रियासत में प्रशासनिक प्रबंध के लिए दी गई थी राशि
विवेक रूठिया और उनके भाई विनय रूठिया ने आज तक को बातचीत में बताया कि उनके दादा जुम्मालाल रूठिया के द्वारा वर्ष 1971 में ब्रिटिश सरकार को 35000 का कर्ज दिया था. यह राशि भोपाल रियासत में प्रशासनिक प्रबंध को व्यवस्थित करने के उद्देश्य दी गई थी. स्वतंत्रता के बाद ब्रिटिश हुकूमत छोड़कर चली गई थी, लेकिन कर्ज अब तक नहीं लौटाया गया है. इसके लिए अब वह कानूनी नोटिस भेज कर ब्याज सहित देने की मांग की है, जिस पर प्रोसेस शुरू हो गई है और सरकार से जवाब आया है. ब्रिटिश सरकार ने जवाब देते हुए कर्ज के सभी दस्तावेज और परिवार की जानकारी मांगी गई है.

दस्तावेज जुटाकर अधिवक्ता के माध्यम से भेजेगा परिवार
अब रूठिया परिवार इससे जुड़े सभी दस्तावेज एकत्रित कर अधिवक्ता के माध्यम से भेजेगा. रूठिया परिवार का कहना है कि उनको उनका पैसा वापस मिलना चाहिए. यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का मुद्दा है, सरकार को भी इसमें आगे आना चाहिए और मदद करनी चाहिए. जो भी राशि वापस मिलेगी, उसे गरीब कन्याओं की शादी और लोगों की मदद के लिए खर्च किया जाएगा.

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