scorecardresearch

Kishangarh Dumping Yard: राजस्थान में बर्फ जैसे नजारे! 'मिनी स्विट्जरलैंड' बना किशनगढ़ का व्हाइट लैंड, कचरे से जन्मी खूबसूरती ने दुनिया को किया हैरान

राजस्थान के किशनगढ़ में मौजूद एक मार्बल डंपिंग यार्ड आज अपनी अनोखी बनावट और चमकदार सफेदी के कारण ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से मशहूर हो चुका है. यह डंपिंग यार्ड केवल एक कचरा स्थल नहीं, बल्कि फोटोग्राफी और सोशल मीडिया के लिए परफेक्ट लोकेशन बन चुका है. आप भी इस जगह का जरूर दीदार कीजिए.

Kishangarh Marble Dumping Yard Kishangarh Marble Dumping Yard

राजस्थान… नाम सुनते ही तपती धूप, रेत के टीलों और गर्म हवाओं की तस्वीर आंखों के सामने आ जाती हैं लेकिन जरा सोचिए, अगर इसी धरती पर आपको बर्फ जैसे सफेद पहाड़ दिखाई दें, तो कैसा लगेगा? सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन राजस्थान के किशनगढ़ (Kishangarh) में यह नजारा हकीकत है. अजमेर जिले के इस शहर से कुछ ही किलोमीटर दूर मौजूद एक मार्बल डंपिंग यार्ड आज अपनी अनोखी बनावट और चमकदार सफेदी के कारण ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से मशहूर हो चुका है. जो जगह कभी केवल मार्बल वेस्ट फेंकने के लिए इस्तेमाल होती थी, वही आज देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बन गई है.

किशनगढ़ को कहते हैं मार्बल नगरी 
दरअसल, किशनगढ़ को देश की मार्बल नगरी के रूप में जाना जाता है. यहां वर्षों से मार्बल कटाई के दौरान निकलने वाला पाउडर और अवशेष एक जगह जमा होते रहे. धीरे-धीरे यह कचरा पहाड़ों का रूप लेता गया और समय के साथ इनकी ऊंचाई और फैलाव बढ़ता चला गया. खास बात यह है कि इन पहाड़ों का रंग बिल्कुल सफेद है, जो तेज धूप में बर्फ की तरह चमकता है. यही कारण है कि यहां पहुंचने वाले लोगों को यह जगह किसी विदेशी बर्फीले इलाके जैसी महसूस होती है. यही वजह है कि इसे ‘व्हाइट लैंड’, ‘मूनलैंड ऑफ राजस्थान’ और ‘मिनी कश्मीर-लद्दाख’ जैसे नाम भी मिल चुके हैं.

फोटोग्राफी और सोशल मीडिया के लिए परफेक्ट लोकेशन
आज यह डंपिंग यार्ड केवल एक कचरा स्थल नहीं, बल्कि फोटोग्राफी और सोशल मीडिया के लिए परफेक्ट लोकेशन बन चुका है. खासकर युवाओं और कपल्स के बीच इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है. यहां का हर कोना एक अलग बैकग्राउंड देता है, जो तस्वीरों को बेहद खास बना देता है. प्री-वेडिंग शूट के लिए तो यह जगह अब पहली पसंद बनती जा रही है, जहां रोजाना 20 से 30 कपल्स अपने खास पलों को कैमरे में कैद करने पहुंचते हैं. पर्यटकों के मुताबिक, यहां आकर ऐसा लगता है जैसे वे राजस्थान में नहीं, बल्कि किसी बर्फीली वादियों में घूम रहे हों.

विदेशी पर्यटक भी आ रहे
इस अनोखी लोकेशन की गूंज अब देश की सीमाओं से निकलकर विदेशों तक पहुंच चुकी है. विदेशी पर्यटक भी इस ‘सफेद दुनिया’ को देखने के लिए यहां आते हैं. यहां आने वाले लोगों की संख्या भी हैरान करने वाली है. ऑफ सीजन में जहां रोजाना 6 से 7 हजार पर्यटक पहुंचते हैं, वहीं सर्दियों और छुट्टियों के दौरान यह आंकड़ा 50 हजार के पार चला जाता है. 

बॉलीवुड को भी खूब किया आकर्षित 
इस ‘व्हाइट लैंड’ की खूबसूरती ने बॉलीवुड को भी खूब आकर्षित किया है. Baaghi 3, Dabangg 3 और Kis Kisko Pyaar Karoon जैसी फिल्मों के कई दृश्य यहां फिल्माए जा चुके हैं. इसके अलावा Sonakshi Sinha, Yo Yo Honey Singh, Milind Gaba और Tiger Shroff जैसे कलाकार भी यहां शूटिंग कर चुके हैं. म्यूजिक वीडियोज और विज्ञापनों के लिए भी यह जगह तेजी से पसंदीदा बनती जा रही है.

नहीं ली जाती एंट्री या पार्किंग फीस
सुविधाओं की बात करें तो यहां आने वाले पर्यटकों से किसी तरह की एंट्री या पार्किंग फीस नहीं ली जाती,जो इसे और भी खास बनाता है. हालांकि, रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए एक बेसिक परमिशन स्लिप जरूरी होती है. वहीं, अगर यहां किसी तरह की प्रोफेशनल शूटिंग करनी हो, तो किशनगढ़ मार्बल एसोसिएशन से अनुमति लेना अनिवार्य है. पर्यटकों के लिए यहां कुछ एडवेंचर एक्टिविटीज भी उपलब्ध हैं, जैसे थार कार ड्राइव और घुड़सवारी, जिनके लिए लगभग 100 रुपए का शुल्क लिया जाता है. इसके अलावा पास में बना बाल उद्यान बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय है.

चाक-चौबंद सुरक्षा
सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है. साथ ही वीआईपी विजिट और इमरजेंसी के लिए यहां हेलिपैड की सुविधा भी मौजूद है. हालांकि, एयरपोर्ट के नजदीक होने के कारण यहां ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया है. भविष्य में इस डंपिंग यार्ड को और विकसित कर एक बेहतर पर्यटन स्थल बनाने की योजना भी तैयार की जा रही है. अगर ये योजनाएं सफल होती हैं, तो किशनगढ़ का यह ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ देश के प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है.

किशनगढ़ का यह सफेद डंपिंग यार्ड इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि अगर नजरिया बदला जाए, तो कचरे का ढेर भी खूबसूरती की मिसाल बन सकता है. यह जगह न सिर्फ राजस्थान की पारंपरिक छवि को एक नया आयाम देती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि प्रकृति और इंसानी प्रयास मिलकर किस तरह एक अनोखी दुनिया रच सकते हैं.