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Noida : 1 साल के बेटे को गोद में बांधकर ई-रिक्शा चलाती नजर आई महिला, लोगों ने दी शाबाशी

नोएडा की रहने वाली चंचल शर्मा अपने एक साल के बेटे के साथ लेकर ई-रिक्शा चलाती हैं. पति को छोड़ने के बाद चंचल ने ये कदम उठाया था. आइए जानते हैं कि क्या थी मजबूरी, जो महज़ एक साल के बेटे को साथ लेकर चलाना पड़ता है ई-रिक्शा.

Meet Chanchal, Noida woman who drives E-rickshaw with 1-yr-old son. Meet Chanchal, Noida woman who drives E-rickshaw with 1-yr-old son.
हाइलाइट्स
  • अपने बेटे को साथ रखने की थी मजबूरी

  • प्रताड़ित करने के वजह से पति को छोड़ा

हर किसी के पास एक सुखद जीवन नहीं होता और इस बात को साबित करने के लिए किसी तरह की सबूत की आवश्यकता नहीं है. आप सोच रहे होंगे कि हम अचानक इस तरह की बात क्यों कर रहे हैं. क्योंकि, नोएडा से दिल को झंझोर देने वाली कहानी सामने आई है. एक महिला अपने एक साल के बेटे को गोद में बांधकर ई-रिक्शा चलाती हैं और अपनी जिंदगी का गुज़ारा करती हैं. उस महिला के साहस और धैर्य ने लोगों का दिल जीत लिया है. लोगों ने कहा कि इस महिला ने अपनी सारी जिम्मेदरियों को बखूबी संभाला है.

अपने बेटे को साथ रखने की थी मजबूरी 

नोएडा की रहने वाली चंचल शर्मा, नोएडा सेक्टर 62 से लेकर नोएडा सेक्टर 59 के बीच ई-रिक्शा चलाती हैं. चंचल अपने पति से अलग हो चुकी हैं और एक कमरे में अपनी मां के साथ रहती हैं. चंचल ने अपने बच्चे के जन्म के महज़ ढाई महीने बाद ही नौकरी तलाशना शुरू कर दिया था, लेकिन फिर अपने बेटे को कहीं छोड़ने की व्यवस्था न बन पाने पर ई-रिक्शा खरीदना पड़ा. इस तरह से चंचल अपने बेटे को अपने साथ ही रख सकती थी.

अच्छे से करती हैं बच्चे का पालन पोषण

शुरुआत में, उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा क्योंकि अन्य ई-रिक्शा चालकों ने उनका विरोध किया था. लेकिन, ट्रैफिक पुलिस और एआईबी चौकी के कर्मचारियों ने उनका समर्थन किया और अब उन्हें किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है. चंचल की दिन की शुरुआत सुबह साढ़े छह बजे हो जाती है. उसके बाद वह दोपहर के समय घर लौटती हैं और फिर बच्चे को स्नान कराने के बाद उसे खाना खिलाती हैं. ई-रिक्शा चलाते समय बच्चे की भूख दूर करने के लिए वह अपने पास दूध का बोतल भी रखती हैं. चंचल सेक्टर 62 में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल और सेक्टर 59 में लेबर चौक के बीच अपना ई-रिक्शा चलाती हैं. करीब 6.5 किलोमीटर के बीच उनकी ई-रिक्शा दौड़ती रहती है.

प्रताड़ित करने के वजह से पति को छोड़ा

पति को छोड़ने के बाद चंचल ने अपनी जिंदगी सम्मानपूर्वक जीने का फैसला किया. चंचल रोजाना 300-400 रुपये कमाती हैं. वह अपने बेटे को गोद में बांधकर ई-रिक्शा चलाती हैं. चंचल शर्मा ने बताया कि उनकी शादी तीन साल पहले 2019 में दादरी के छायांसा गांव के एक शख़्स से हुई थी. चंचल उस व्यक्ति का नाम नहीं लेना चाहती क्योंकि उसने अतीत में बहुत परेशान किया था. चंचल ने दावा किया कि शादी के बाद उसका पति उसे हर तरह से प्रताड़ित करता था. अभी भी कोर्ट केस चल रहा है. चंचल ने बताया कि वह लाल कुआं की रहने वाली है. जब वह छोटी थीं तभी उनके पिता का देहांत हो गया था. उनकी चार बहनें हैं जिनकी शादी हो चुकी है और एक मां है जो घर चलाने के लिए सब्जी बेचती हैं.