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जशपुर में अनोखा मामला! हाथी हमले में किसान की मौत, मुआवजे के 6 लाख पर उसकी 6 पत्नियों ने किया दावा!

26 जुलाई को पत्थलगांव ब्लॉक के चिमटापाली गांव में 50 वर्षीय किसान सालिकराम टोप्पो पर जंगली हाथी ने हमला कर दिया था. हमले में किसान की मौके पर ही मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग ने नियम के अनुसार मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की.

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छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. यहां एक किसान की हाथी हमले में मौत हो गई. शासन की ओर से ऐसी घटनाओं में परिजनों को 6 लाख रुपये मुआवजे का प्रावधान है. लेकिन इस बार मुआवजे की रकम वन विभाग के लिए "गले की हड्डी" बन गई है. वजह यह है कि मृतक किसान सालिकराम टोप्पो की एक नहीं बल्कि छह-छह पत्नियां सामने आ गईं और सभी ने मुआवजे पर दावा ठोक दिया.

कैसे हुआ हादसा?

26 जुलाई को पत्थलगांव ब्लॉक के चिमटापाली गांव में 50 वर्षीय किसान सालिकराम टोप्पो पर जंगली हाथी ने हमला कर दिया था. हमले में किसान की मौके पर ही मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग ने नियम के अनुसार मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की.

घटना के दिन ही वन विभाग ने तत्काल राहत के तौर पर मृतक की छठवीं पत्नी भूतियारिन बाई को 25 हजार रुपये भी दिए थे. यह रकम उसके बेटे भागवत की मौजूदगी में सौंपी गई थी. लेकिन इसके बाद मामला उलझ गया, क्योंकि बाकी पांच पत्नियां भी सामने आ गईं और उन्होंने भी दावा किया कि वे मृतक की पत्नी हैं और उन्हें मुआवजे की हकदार माना जाए.

वन विभाग के लिए मुश्किल

छह महिलाओं का एक साथ दावा करने से वन विभाग के अधिकारी सकते में हैं. पत्थलगांव के वन परिक्षेत्र अधिकारी कृपासिंधु पैंकरा के सामने जब यह मामला पहुंचा तो उन्होंने भी इसे बेहद जटिल बताया. उन्होंने कहा कि सभी महिलाएं अपने-अपने दावे के साथ पंचायत से जारी प्रमाण पत्र और अन्य सबूत लेकर आई हैं.

कुछ महिलाओं ने मृतक के साथ रहते हुए परिवार चलाने का हवाला दिया, तो दो महिलाओं ने तो बाकायदा मंगलसूत्र पहनाने की तस्वीरें तक दिखा दीं. ऐसे में यह तय करना मुश्किल हो गया है कि असली हकदार कौन है.

क्या कहते हैं अधिकारी?

वन अधिकारी कृपासिंधु पैंकरा ने बताया, "यह मामला बेहद जटिल है क्योंकि मृतक की छह महिलाओं ने खुद को पत्नी बताते हुए मुआवजे पर दावा किया है. हमने सभी से कहा है कि वे सक्षम अधिकारी से अपने वैवाहिक संबंधों का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें. दस्तावेजों की जांच के बाद ही सही हकदार को मुआवजा दिया जाएगा."

मुआवजा पाने के लिए जरूरी शर्तें

शासन के नियमों के मुताबिक, हाथी हमले या अन्य जंगली जानवरों से होने वाली मौत पर 6 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है. लेकिन इसके लिए मृतक की पत्नी या कानूनी वारिस को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करना होता है.

  • शादी का प्रमाण पत्र,
  • पंचायत या सक्षम अधिकारी से जारी प्रमाण पत्र,
  • परिवार के अन्य कानूनी दस्तावेज,

इन दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह तय होगा कि 6 लाख रुपये किसे मिलेंगे.

यह पूरा मामला अब गांव और जिले में चर्चा का विषय बन गया है. एक ही व्यक्ति की छह पत्नियां सामने आने से लोग हैरान हैं. वहीं, वन विभाग भी किसी तरह की गलती से बचने के लिए बेहद सावधानी से काम कर रहा है.

(नरेश शर्मा की रिपोर्ट)