
bathua ka saag
bathua ka saag
सर्दियों का मौसम आते ही बाजार में सरसों, पालक, बथुआ और मेथी खूब मिलता है. ठंड के मौसम में साग न सिर्फ शरीर को गर्म रखता है, बल्कि इम्युनिटी बढ़ाने में भी मदद करता है. इसे खाने से शरीर को विटामिन, मिनरल्स, आयरन, कैल्शियम और फाइबर मिलता है. उत्तर भारत में बथुआ का साग सर्दियों की पहचान माना जाता है और इसे खास मौकों पर बड़े चाव से बनाया जाता है.
क्यों खास है बथुआ का साग
बथुआ एक मौसमी हरी सब्जी है, जो सर्दियों में भरपूर मात्रा में मिलती है. यह आयरन, फाइबर, कैल्शियम और विटामिन A व C से भरपूर होता है. खास बात यह है कि बथुआ पाचन को दुरुस्त करता है और ठंड में होने वाली कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है. चलिए जानते हैं इसे झटपट बनाने का तरीका.
बथुआ का साग बनाने की आसान तैयारी
सबसे पहले ताजा बथुआ लें और उसे बहते पानी में अच्छी तरह धो लें ताकि मिट्टी पूरी तरह निकल जाए.
इसके बाद पत्तों को हल्का उबालें यानी ब्लांच कर लें. ठंडा होने पर बथुआ को मिक्सर जार में डालें और दरदरा पीस लें. हरी मिर्च प्याज और टमाटर को मोटा-मोटा काटकर अलग रख लें.
अब एक कढ़ाही लें और उसमें सरसों का तेल डालकर मध्यम आंच पर गर्म करें.

जब तेल से हल्का धुआं उठने लगे, तो इसमें जीरा डालें. जीरा चटकने लगे तो इसमें लहसुन का पेस्ट डालें और खुशबू आने तक भूनें.
इसके बाद हरी मिर्च प्याज और टमाटर डालकर हल्का भूनें. इसके बाद पिसा हुआ बथुआ और स्वादानुसार नमक डालकर अच्छी तरह चलाएं.
अब साग को धीमी आंच पर पकने दें. बीच-बीच में चलाते रहें ताकि साग जले नहीं. जब पैन के किनारों से तेल छोड़ने लगे, तो समझ जाएं कि साग पक चुका है.
गरमा-गरम बथुआ का साग मक्के की रोटी, पराठे या सादे रोटी के साथ खा सकते हैं. ऊपर से थोड़ा सफेद मक्खन डाल दें, तो स्वाद और भी बढ़ जाएगा. ये रेसिपी इतनी जल्दी बन जाती है कि आपको ज्यादा इंतजार भी नहीं करना पड़ता.
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