Parenting
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बच्चों की परवरिश को लेकर हर दौर में नए प्रयोग होते रहे हैं. अब एक नया तरीका चर्चा में है रिवर्स्ड पेरेंटिंग. इस ट्रेंड में मां-बाप बच्चों को डांटने या समझाने के बजाय खुद उनके जैसा व्यवहार करके उन्हें सीख देने की कोशिश करते हैं.
यह ट्रेंड चीन में मिलेनियल पेरेंट्स के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. इसकी शुरुआत 2022 में एक वायरल घटना से मानी जाती है, जब पूर्वोत्तर चीन के हेइलोंगजियांग प्रांत में एक मां ने अपनी तीन साल की बेटी को सर्दियों में बिना कोट के बाहर जाने दिया. बच्ची का तर्क था कि कार्टून की राजकुमारियां ठंडे इलाकों में रहती हैं, इसलिए उसे ठंड नहीं लगेगी. मां ने जबरदस्ती करने के बजाय उसे अनुभव करने दिया और खुद पीछे-पीछे चलती रहीं. सोशल मीडिया पर इस कदम की जमकर तारीफ हुई.
क्या है रिवर्स्ड पेरेंटिंग?
इस मॉडल में पेरेंट्स बच्चों को सीधे निर्देश देने के बजाय उन्हें उनके फैसलों का परिणाम खुद महसूस करने देते हैं. यह तरीका कॉनसीक्वेंस-बेस्ड एजुकेशन यानी परिणाम आधारित शिक्षा से मिलता-जुलता है. इसमें बच्चा अपने अनुभव से सीखता है, जिससे सीख ज्यादा गहरी और स्थायी मानी जाती है.
रिवर्स्ड पेरेंटिंग के तरीके
1. रोल रिवर्सल
इसमें पेरेंट्स खुद को कमजोर या देखभाल की जरूरत वाला दिखाते हैं. उद्देश्य है बच्चे में जिम्मेदारी की भावना जगाना. जब बच्चा महसूस करता है कि उसे भी किसी का ध्यान रखना है, तो उसके व्यवहार में बदलाव आता है.
2. कॉनसीक्वेंस एक्सपीरियंस
अगर बच्चा किसी फैसले पर अड़ा है, तो पेरेंट उसे वही करने देते हैं. उदाहरण के तौर पर, वुहान के एक आठ साल के बच्चे ने प्रोफेशनल गेमर बनने के लिए स्कूल छोड़ने की जिद की. पेरेंट्स ने मना करने के बजाय शर्त रखी कि उसे रोज 16 घंटे गेम खेलना होगा और परफॉर्मेंस रिपोर्ट देनी होगी. तीन दिन में ही बच्चा थककर टूट गया और उसे समझ आया कि गेमिंग उतनी आसान नहीं जितनी वह सोच रहा था.
3. मिरर रिस्पॉन्स
इसमें पेरेंट्स बच्चे की भावनाओं या हरकतों की नकल करते हैं. जैसे, अगर बच्चा आइसक्रीम न मिलने पर फर्श पर लोटकर रोता है, तो मां-बाप भी वैसा ही व्यवहार कर सकते हैं. इससे बच्चा अचानक खुद को बाहर से देखता है और कई बार तुरंत शांत हो जाता है.
क्यों बढ़ रहा है यह ट्रेंड?
मिलेनियल पेरेंट्स का मानना है कि वे खुद सख्त और दबाव वाली परवरिश में बड़े हुए हैं, जहां माता-पिता को त्याग की मूर्ति माना जाता था. अब वे अपने बच्चों के साथ ज्यादा समान और खुला रिश्ता बनाना चाहते हैं. रिवर्स्ड पेरेंटिंग उन्हें बातचीत का नया रास्ता देती है.