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Relationship Tip: पार्टनर सुना रहा है दुखड़ा, पर आप लगे हैं सलाह देने में.. तो आपका यह तरीका बिगाड़ सकता है रिश्ता

अक्सर कई बार हमसे कोई या हमारा पार्टनर हमशे अपनी बात शेयर करना चाहता है. लेकिन हम उसकी बात सुनने की जगह उसे सलाह देने लगते हैं. पर हो सकता है आपका उसे सलाह देना पसंद न हो.

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कई रिश्तों में एक चीज बहुत आम होती है, जैसे ही कोई इंसान अपनी परेशानी या दिल की बात शेयर करता है, तो सामने वाला तुरंत उसे सलाह देना शुरू कर देता है. 'ऐसा कर लो', 'वैसा मत करो, 'अगर मैं तुम्हारी जगह होता तो ऐसा करता', जैसी बातें अक्सर अच्छे इरादों से कही जाती हैं. हमें लगता है कि हम सामने वाले की मदद कर रहे हैं, लेकिन कई बार यही आदत रिश्तों में दूरी और तनाव पैदा कर देती है. हर इंसान जब अपनी बात शेयर करता है, तो जरूरी नहीं कि वह किसी समाधान की तलाश में ही हो. कई बार उसे सिर्फ एक ऐसे इंसान की जरूरत होती है जो उसकी बातों को ध्यान से सुने और उसे समझे.

सलाह नहीं, सुनने की जरूरत
जब कोई अपने इमोशंस या परेशानियां आपके सामने रखता है, तो वह चाहता है कि आप उसकी फीलिंग्स को समझें. लेकिन अगर आप उसकी पूरी बात सुने बिना तुरंत सलाह देने लगते हैं, तो उसे लग सकता है कि उसकी भावनाओं की अहमियत नहीं समझी जा रही है. धीरे-धीरे ऐसा होने पर वह इंसान अपनी बातें शेयर करना कम कर देता है और रिश्ते में दूरी आने लगती है.

सलाह से घट सकता है आत्मविश्वास
हर छोटी-बड़ी बात पर सलाह देना कई बार सामने वाले के आत्मविश्वास को कमजोर कर सकता है. उसे लगने लगता है कि शायद आप उसके फैसलों पर भरोसा नहीं करते हैं. लगातार ऐसा महसूस होने से इंसान खुद को कम आंकने लगता है. रिश्तों में भरोसा बहुत जरूरी होता है और जब किसी को लगे कि उसकी समझ पर शक किया जा रहा है, तो इससे नाराजगी और तनाव बढ़ सकता है.

बिना मांगे सलाह बन सकती है परेशानी
कुछ लोगों को तब तक सलाह पसंद नहीं आती, जब तक वे खुद किसी राय की मांग न करें. बिना पूछे बार-बार सुझाव देना कई बार दखलअंदाजी जैसा महसूस होता है. खासतौर पर पति-पत्नी, दोस्त या भाई-बहन जैसे रिश्तों में यह आदत बहस और गलतफहमियों की वजह बन सकती है. इसलिए यह समझना जरूरी है कि सामने वाला सच में आपकी सलाह चाहता है या सिर्फ अपनी बात कहना चाहता है.

अच्छे रिश्ते की जरूरत है सुनना
हर रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए सिर्फ सलाह देना ही काफी नहीं होता, बल्कि सामने वाले को ध्यान से सुनना भी उतना ही जरूरी है. जब कोई अपनी बात शेयर करे, तो तुरंत समाधान देने की बजाय पहले उसकी पूरी बात समझने की कोशिश करें. उससे सवाल पूछें और उसके इमोशंस को महसूस करें. कई बार सिर्फ आपका शांत होकर सुन लेना ही सामने वाले को राहत दे देता है.