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Hariyali Teej 2025: 26 या 27 जुलाई... कब है हरियाली तीज... क्यों मनाया जाता है यह पर्व और क्या है महत्व... यहां जानिए माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा विधि से लेकर सबकुछ

Hariyali Teej: इस साल हरियाली तीज 27 जुलाई को है. इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की आराधना की जाती है. सौभाग्य और मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए हरियाली तीज मनाई जाती है. आइए इस पर्व के बारे में हम आपको सबकुछ बताते हैं.

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Lord Shiva and Mother Parvati  Lord Shiva and Mother Parvati 
हाइलाइट्स
  • हरियाली तीज के दिन माता पार्वती और भगवान शिव की करें पूजा

  • हर मनोकामना हो जाएगी पूरी

सावन माह के कई सारे पर्व-त्योहार पड़ते हैं. हर साल श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज मनाई जाती है. इस दिन महिलाएं हरे वस्त्र पहनकर माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करती हैं. हरियाली तीज के दिन विवाहित महिलाएं अपने पति के दीर्घायु और सुखमय जीवन के लिए निर्जला व्रत रखती हैं, जबकि कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की कामना करती हैं.

कब है हरियाली तीज 
1. वैदिक पंचांग के मुताबिक सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 26 जुलाई को रात 10 बजकर 01 मिनट पर शुरू होगी. इसका समापन 27 जुलाई 2025 को रात 10 बजकर 41 मिनट पर होगा. 
2. सनातन धर्म में उदया तिथि मान्य है. ऐसे में 27 जुलाई 2025 को हरियाली तीज मनाई जाएगी.

हरियाली तीज पर बन रहे शुभ योग 
1. हरियाली तीज पर कई शुभ योग बन रहे हैं. 
2. हरियाली तीज पर वरीयान योग का संयोग पूरी रात है. 
3. रवि योग का संयोग शाम 04 बजकर 23 मिनट से पूरी रात है. 
4. मघा और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का संयोग भी है. 
5. मघा नक्षत्र का संयोग शाम 04 बजकर 23 मिनट तक है.
6. मघा नक्षत्र का संयोग के बाद पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का संयोग बनेगा.
7. तैतिल एवं गर करण के योग भी बनेंगे. 
8. इन योग में देवी पार्वती और भोलेनाथ की पूजा करने से जीवन में खुशियां आती हैं.

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हरियाली तीज पर कैसे करें पूजा 
1. हरियाली तीज पर सुबह स्नान करके उपवास और पूजा का संकल्प लें. 
2. पूरे दिन शिवजी और माता गौरी का ध्यान करें. 
3. प्रदोष काल में सम्पूर्ण शृंगार करके शिवजी के मंदिर जाएं. 
4. भगवान शिव को पीले वस्त्र और पुष्प अर्पित करें. 
5. माता पार्वती को लाल वस्त्र और शृंगार की सामग्री अर्पित करें. 
6. इसके बाद शिवजी और माता गौरी के मंत्रों का जाप करें. 
7. मंदिर में एक घी का दीपक जलाएं. 
8. शृंगार की सामग्री किसी सुहागन स्त्री को दान कर दें.

क्या है हरियाली तीज का महत्व
हरियाली तीज का पौराणिक आधार माता पार्वती और भगवान शिव के दिव्य मिलन से जुड़ा है. ऐसा माना जाता है कि माता पार्वती ने 108 बार जन्म लिया था और कठोर तपस्या कर शिव जी को पति रूप में प्राप्त किया. हरियाली तीज के दिन ही मां पार्वती ने भगवान शिव को अपने पति के रूप में प्राप्त किया था. इस शुभ अवसर पर विवाहित महिलाएं निर्जल व्रत रखती हैं और अपने पति की लंबी उम्र तथा सुखी दांपत्य जीवन के लिए माता पार्वती से प्रार्थना करती हैं. मनचाहे वर की प्राप्ति और विवाह में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए हरियाली तीज का व्रत बहुत उत्तम माना जाता है.

इन बातों का रखें ध्यान
1. हरियाली तीज के दिन काले, सफेद या भूरे रंग के वस्त्र धारण न करें. 
2. हरियाली तीज के दिन घर में मांस-मछली या तामसिक चीजों का सेवन न करें. 
3. इस दिन केवल सात्विक चीजों का ही सेवन करें. 
4. घर में लड़ाई-झगड़ा या कलह न करें. 
5. बड़े-बुजुर्गों, महिलाओं या द्वार पर आए लोगों का अनादर न करें. 
6. क्रोध या अहंकार करने वालों से भोलेनाथ रुष्ट हो सकते हैं.