Famous Ramlila
Famous Ramlila
इस समय शारदीय नवरात्रि चल रही है. देश में हर जगह आस्था का सैलाब बह रहा है. दशहरा यानी विजयादशमी का पर्व मनाने को लेकर उत्साह है. कई जगहों पर रामलीला का मंचन किया जा रहा है. आपको मालूम हो कि हमारे देश में कई जगहों पर हर साल दशहरा से पहले रामलीला का मंचन होने लगता है. दशहरा आने में अब चंद दिन बचे हैं. यदि आप किसी कारण से अभी तक रामलीला नहीं देख पाए हैं तो आज देख ही लीजिए. हम आपको देश-विदेश की मशहूर रामलीला के बारे में बता रहे हैं. दिल्ली, वाराणसी, अयोध्या और लखनऊ की रामलीला बहुत खास होती है. इंडोनेशिया, थाइलैंड, कंबोडिया, मॉरीशस में भी रामलीला का मंचन किया जाता है.
वाराणसी के रामनगर की रामलीला
महादेव की नगरी काशी यानी वाराणसी में रामलीला की शुरुआत 475 साल पहले चित्रकूट मैदान में शुरू की गई थी. माना जाता है कि यह पहला स्थान है जहां रामलीला की शुरुआत हुई थी.आपको मालूम हो कि यहां की रामलीला किसी एक मैदान में नहीं होती बल्कि गंगा के तट पर रामनगर में अलग-अलग स्थानों पर 31 दिनों तक चलती है. दर्शक भी पात्रों के साथ-साथ एक स्थान से दूसरे स्थान पर चलते हैं. इसमें काशी नरेश स्वयं पारंपरिक हाथी पर सवार होकर पहुंचते हैं.
अयोध्या की रामलीला
भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या की रामलीला भी देश-विदेश में प्रसिद्ध है. यहां रामलीला का मंचन सरयू नदी के तट और विभिन्न पौराणिक स्थलों पर होता है. देश भर से लोग नवरात्रि के समय खेली जाने वाली इस रामलीला को देखने के लिए आते हैं.
दिल्ली के रामलीला मैदान की रामलीला
देश की राजधानी दिल्ली स्थित रामलीला मैदान की रामलीला भी देश-विदेश में प्रसिद्ध है. मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर ने इस रामलीला का आयोजन 180 साल पहले कराई थी. उस समय से इस रामलीला का आयोजन श्री राम लीला कमेटी करा रही है.
लखनऊ के ऐशबाग की रामलीला
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की रामलीला भी काफी प्रसिद्ध है. रामलीला असफ उद-दौला द्वारा बनाई गई ऐशबाग में आयोजित की जाती है. यहां रामलीला की शुरुआत अवध के राजाओं द्वारा 500 साल पहले की गई थी. आज भी यहां की रामलीला को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं. यहां का रावण दहन और विशेष प्रकार के आतिशबाजी व आधुनिक प्रभावों का प्रयोग देखने लायक होता है.
इंडोनेशिया की रामलीला
आपको मालूम हो कि इंडोनेशिया की 90 फीसदी आबादी मुस्लिम है, इसके बावजूद यहां रामलीला का मंचन किया जाता है. यहां के लोगों का मानना है कि इस्लाम जहां उनका धर्म है वहीं रामायण उनकी संस्कृति. इंडोनेशिया में रामायण को रामायण ककविन (काव्य) कहते हैं. यहां किसी विशेष समय नहीं बल्कि पूरे साल रामलीला का मंचन किया जाता है. यहां स्कूलों में शिक्षा देने के लिए भी रामायण के चरित्रों का इस्तेमाल किया जाता है.
थाइलैंड की रामलीला
थाईलैंड की रामलीला भी बेहद प्रसिद्ध है. यहां की रामलीला को रामकेयन नाम से जाना जाता है. इस देश में छाया रामलीला होती है, जिसे नंग कहा जाता है. इसको सफेद पर्दे पर दिखाते हैं, फिर उसके सामने पुतलियों को इस तरह नचाया जाता है कि उसकी छाया पर्दे पर पड़े. मुखोटों का इस्तेमाल कर यहां रामलीला की जाती है. यहां रामलीला का आयोजन सिर्फ शारदीय नवरात्रि में नहीं बल्कि किसी भी विशेष अवसर पर किया जाता है. यहां जन्मदिन पर, शादी पर भी इसका मंचन किया जाता है. थाईलैंड में रामकेयन की कहानी तो रामायण वाली ही रहती है लेकिन वेशभूषा व पात्रों के नामों में कुछ बदलाव होता है.
कंबोडिया की रामलीला
कंबोडिया की रामलीला भी काफी प्रसिद्ध है. कंबोडिया में रामायण को रीमकर और भगवान राम को प्रिय रीम कहा जाता है. माता सीता को नेयांग सेडा और लक्ष्मण को प्रीह लीक के नाम से जाना जाता है. यहां रामलीला तुलसीदास रचित रामचरितमानस के आधार पर खेली जाती है. रीमकर खमेर साम्राज्य का सबसे प्रसिद्ध साहित्य है. सामाजिक उत्सवों के दौरान इस लोकप्रिय महाकाव्य का मंचन किया जाता है. यहां बड़े-बड़े लोग भी रामलीला में भूमिका करने को उत्सुक रहते हैं. यहां के राजा नरेश नरोत्तम सिंहानुक की बेटी राजकुमारी फुप्फा को रामलीला ने इतना लोकप्रिय बना दिया कि उन्हें ही मां सीता के तौर पर चित्रित किया जाने लगा.
मॉरीशस की रामलीला
मॉरीशस में भी रामलीला मंचन का मंचन किया जाता है. यहां मॉरीशस के कला और सांस्कृतिक मंत्रालय की ओर से रामलीला करवाई जाती है. यहां रामलीला झाल-ढोलक के साथ गाई जाती है. इस देश की रामलीला इतनी फेमस है कि अभिनय के लिए भारतीय कलाकारों को बुलाया जाता है. आपको मालूम हो कि मॉरीशस एकबार अंतरराष्ट्रीय रामायण सम्मेलन की मेजबानी कर चुका है.
इन देशों में रामलीला का मंचन
आपको मालूम हो कि पिछले कुछ सालों में अयोध्या शोध संस्थान की मंडली विदेशों में अवधी शैली की रामलीला का मंचन कर रही है. साल 2017 में फिजी, साल 2018 में तीन कैरेबियाई देशों त्रिनिदाद, सूरीनाम व गोआना में रामलीला का मंचन किया गया था. लाओस में वाल्मीकि रामायण का मंचन होता है. लाओस के राष्ट्रीय महाकाव्य फरा लाख फरा राम की कहानी राम कथा से मिलती है. सूरीनाम में आयोजित रामलीला में पात्रों के नाम थोड़े बदल जाते हैं पर इसे लेकर यहां के लोगों में खासा उत्साह रहता है. जापान के लोकप्रिय कथा संग्रह होबुत्सुशू में संक्षिप्त राम कथा संकलित है. म्यांमार की रामलीला यामप्वे कहलाती है.