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सावन खत्म, लेकिन शिव भक्ति चरम पर, 110 KM दौड़कर बाबा सोमेश्वरनाथ को जल चढ़ाने निकले लाखों डाक बम

बाबा सोमेश्वरनाथ धाम में अनंत चतुर्दशी को लेकर आस्था का महाकुंभ शुरू हो गया है. मोतिहारी के देवापुर घाट पर बागमती नदी से जल भरकर लाखों शिवभक्त 110 किलोमीटर की कठिन यात्रा पर निकल पड़े हैं. कोई दौड़ रहा है, कोई सेवा कर रहा है और हर तरफ सिर्फ 'बोल बम' और 'हर हर महादेव' की गूंज सुनाई दे रही है.

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एक बार फिर मोतिहारीं में उमड़ा आस्था का जनसैलाब एक बार फिर मोतिहारीं में उमड़ा आस्था का जनसैलाब

सावन भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन बिहार में शिवभक्ति का जुनून अभी भी चरम पर है. पूर्वी चंपारण के अरेराज स्थित बाबा सोमेश्वरनाथ धाम में अनंत चतुर्दशी को लेकर आस्था का महाकुंभ शुरू हो गया है. मोतिहारी के देवापुर घाट पर बागमती नदी से जल भरकर लाखों शिवभक्त 110 किलोमीटर की कठिन यात्रा पर निकल पड़े हैं. कोई दौड़ रहा है, कोई सेवा कर रहा है और हर तरफ सिर्फ 'बोल बम' और 'हर हर महादेव' की गूंज सुनाई दे रही है.

दरअसल, हर साल अनंत चतुर्दशी के मौके पर यहां लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं. डाक बम कंधे पर कांवर लेकर बिना रुके लगातार दौड़ते हुए करीब 110 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं और लगभग 12 घंटे के अंदर बाबा सोमेश्वरनाथ का जलाभिषेक करते हैं. युवा से लेकर बुजुर्ग और महिलाएं भी इस आस्था की दौड़ में शामिल हैं.

डाक बम की अलग है परंपरा
आम कांवरिए रास्ते में रुकते हुए यात्रा पूरी करते हैं, लेकिन डाक बम लगातार दौड़ते हुए बाबा के दरबार तक पहुंचते हैं. कंधे पर कांवर, हाथ में जल और जुबान पर बाबा सोमेश्वरनाथ का नाम लिए ये श्रद्धालु बिना थके अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं. मान्यता है कि अरेराज के बाबा सोमेश्वरनाथ धाम में स्वयं चंद्रदेव ने शिवलिंग की स्थापना की थी. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि अनंत चतुर्दशी के दिन यहां जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

हर दो किलोमीटर पर सेवा शिविर
डाक बमों की इस कठिन यात्रा में पूरा मोतिहारी उनका सारथी बना हुआ है. देवापुर घाट से अरेराज तक जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए हैं. स्थानीय लोग श्रद्धालुओं को पानी, शरबत, फल और फलाहार दे रहे हैं. कई जगह मेडिकल कैंप भी लगाए गए हैं, जहां दवा और मलहम की व्यवस्था है. थके हुए डाक बमों के पैर दबाकर लोग उनकी सेवा कर रहे हैं.

सुरक्षा के लिए प्रशासन भी मुस्तैद
इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी सुरक्षा के इंतजाम किए हैं. पूरे रूट पर पुलिस बल और मेडिकल टीम तैनात की गई है. प्रशासन के अनुमान के मुताबिक इस अनंत चतुर्दशी पर अरेराज में दो लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा सोमेश्वरनाथ का जलाभिषेक कर सकते हैं. 110 किलोमीटर की यह दौड़ सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि मोतिहारी की आस्था, सेवा और सांस्कृतिक परंपरा की तस्वीर भी दिखाती है.

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