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सावन में भोले को अर्पित करें बेलपत्र, होंगी मनोकामनाएं पूरी... होगी विवाह की समस्या दूर, जानें इसके आयुर्वेदिक फायदे

कहा जाता है भगवान शिव को बेलपत्र बहुत प्रिय होता है. इसलिए सावन के महीने में उन्हें बेलपत्र जरूर अर्पित करना चाहिए. लेकिन पूजा के दौरान अर्पित किए जा रहे बेलपत्र को लेकर कुछ बातों का ध्यान भी रखना चाहिए.

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Lord Shiva loves Belpatra Lord Shiva loves Belpatra

सावन का महीना भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे खास माना जाता है. इस दौरान शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करने का महत्व बताया गया है. धार्मिक मान्यता है कि बेलपत्र के बिना भगवान शिव की पूजा अधूरी मानी जाती है. बेलपत्र न केवल पूजा में उपयोगी है, बल्कि आयुर्वेद में भी इसके कई लाभ बताए गए हैं. माना जाता है कि सावन में श्रद्धा और नियम के साथ बेलपत्र अर्पित करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्त की मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं.

क्या है बेलपत्र और क्यों है इतना खास?

बेल के पेड़ की पत्तियों को बेलपत्र कहा जाता है. आमतौर पर एक बेलपत्र में तीन पत्तियां एक साथ जुड़ी होती हैं और इन्हें एक ही बेलपत्र माना जाता है. भगवान शिव को बेलपत्र सबसे प्रिय माना गया है. इसलिए शिव पूजा में इसका विशेष स्थान है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन में बेलपत्र चढ़ाने से पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है. इसके अलावा आयुर्वेद में भी बेलपत्र का उपयोग कई समस्याओं में किया जाता है.

बेलपत्र चढ़ाते समय रखें इन बातों का ध्यान

भगवान शिव को हमेशा ऐसा बेलपत्र अर्पित करें जिसमें तीनों पत्तियां सही सलामत हों. पत्तियां फटी हुई या उनमें छेद नहीं होना चाहिए. बेलपत्र की चिकनी सतह ऊपर की ओर रखते हुए शिवलिंग पर चढ़ाना शुभ माना जाता है. यदि बेलपत्र साफ हो तो उसे जल से धोकर दोबारा भी अर्पित किया जा सकता है. 

विवाह में देरी हो रही हो तो करें यह उपाय

अगर विवाह में बार-बार रुकावट आ रही है, तो सावन में अपनी उम्र के बराबर बेलपत्र लें. हर बेलपत्र पर चंदन से 'राम' लिखें और 'ॐ नमः शिवाय' बोलते हुए एक-एक करके शिवलिंग पर चढ़ाएं. इसके बाद भगवान शिव से शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें. धार्मिक मान्यता है कि यह उपाय शुभ फल दे सकता है.

अच्छे स्वास्थ्य और संतान सुख के लिए उपाय

यदि स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानी बनी हुई है, तो सावन में 108 बेलपत्र लेकर उन्हें चंदन में डुबोकर शिवलिंग पर अर्पित करें. हर बार 'ॐ हौं जूं सः' मंत्र का जाप करें और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करें. वहीं संतान सुख की इच्छा रखने वाले लोग अपनी उम्र के बराबर बेलपत्र दूध में डुबोकर 'ॐ नमो भगवते महादेवाय' मंत्र बोलते हुए शिवलिंग पर अर्पित करें और भगवान शिव से प्रार्थना करें.

बेलपत्र के आयुर्वेदिक फायदे

आयुर्वेद में भी बेलपत्र को लाभकारी माना गया है. माना जाता है कि बेल के पत्तों का उपयोग आंखों की देखभाल, कफ से राहत और पुराने सिरदर्द में किया जाता है. हालांकि किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले आयुर्वेद विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहता है.