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Akola Jagannath Rath Yatra: अकोला में पहली बार जगन्नाथ पुरी की तर्ज पर निकली भव्य रथयात्रा, 31 फीट ऊंचे आधुनिक रथ पर विराजे भगवान

महाराष्ट्र के अकोला में पहली बार भगवान जगन्नाथ की 31 फीट ऊंचे और 5 टन वजनी रथ पर भव्य रथयात्रा निकाली गई. हजारों श्रद्धालुओं ने रथ खींचते हुए अच्छी बारिश, किसानों की खुशहाली और देश की समृद्धि की प्रार्थना की.

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महाराष्ट्र के अकोला में आज आस्था, संस्कृति और जनकल्याण का अद्भुत संगम देखने को मिला. पहली बार जगन्नाथ पुरी की तर्ज पर भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली गई. 31 फीट ऊंचे और करीब 5 टन वजनी रथ पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा विराजमान हुए. हजारों श्रद्धालुओं ने 'हरे कृष्ण... जय जगन्नाथ' के जयघोष के बीच रथ को खींचा. इस यात्रा की खास बात यह रही कि भक्तों ने भगवान से सिर्फ अपनी खुशहाली नहीं, बल्कि रूठे मानसून की जल्द वापसी, किसानों के खेतों में हरियाली और पूरे देश को सुजलाम-सुफलाम बनाने की प्रार्थना की.

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुरू हुई ऐतिहासिक रथयात्रा
अकोला के सरकारी बगीचा परिसर से सुबह भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा की शुरुआत हुई. वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बाद भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को 31 फीट ऊंचे और 5 टन वजनी भव्य रथ पर विराजमान किया गया. जैसे ही हजारों श्रद्धालुओं ने रथ की रस्सियां थामीं, पूरा शहर 'हरे कृष्ण... जय जगन्नाथ' के जयघोष से गूंज उठा. यात्रा मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया. महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने भजन-कीर्तन करते हुए पूरे उत्साह के साथ रथयात्रा में भाग लिया. 

इस भव्य रथ का निर्माण अकोला के सोनाळेकर परिवार ने कई महीनों की मेहनत से किया है. आधुनिक तकनीक और पारंपरिक शिल्पकला के अद्भुत मेल से बने इस रथ में फ्रंट व्हील ड्राइव, स्टीयरिंग, मैनुअल ब्रेक और एडजस्टेबल शिखर जैसी आधुनिक सुविधाएं भी दी गई हैं.

बारिश, किसानों की खुशहाली और देश की समृद्धि के लिए हुई विशेष प्रार्थना
रथयात्रा के दौरान भक्तों ने भगवान जगन्नाथ से विशेष प्रार्थना की कि महाराष्ट्र समेत पूरे देश में अच्छी बारिश हो, सूखे से जूझ रहे किसानों के खेत लहलहा उठें, अन्नदाता समृद्ध हो और भारत हरियाली से भरकर सुजलाम-सुफलाम बने.

इस्कॉन विदर्भ जोनल सुपरवाइज़र अनंतशेष प्रभुजी ने कहा कि भगवान जगन्नाथ सबके नाथ हैं. उन्होंने प्रार्थना की कि पूरे देश में समय पर वर्षा हो, किसानों के जीवन में खुशहाली आए, हर खेत हरा-भरा हो और सभी लोगों के जीवन में शांति, समृद्धि और भगवान की कृपा बनी रहे.

रथयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना की कि रूठा हुआ मानसून जल्द लौट आए. किसानों की फसलें लहलहाएं, किसी किसान की आंख में आंसू न हो, देश सुजलाम-सुफलाम बने और हर घर में सुख-समृद्धि आए.

अकोला की नई धार्मिक पहचान बनने की ओर बढ़ी रथयात्रा
आस्था के इस महापर्व ने अकोला में एक नई परंपरा की शुरुआत कर दी है. जहां भगवान जगन्नाथ के जयघोष से पूरा शहर भक्तिमय हो उठा, वहीं हजारों श्रद्धालुओं की एक ही प्रार्थना रही कि अच्छी बारिश हो, किसान खुशहाल हों, खेतों में हरियाली लौटे और पूरा भारत सुख, समृद्धि और शांति से भर जाए. पहली ही रथयात्रा को मिले अभूतपूर्व जनसमर्थन ने साफ कर दिया कि यह आयोजन आने वाले वर्षों में अकोला की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान बनने जा रहा है.
 

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