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Surya Narayana Mandir: 600 साल से भी ज्यादा पुराना है यह मंदिर, सूर्य भगवान को है समर्पित

राजस्थान के पाली में सूर्य मंदिर में सूरज की पहली किरण मंदिर में प्रवेश करती है. मंदिर का निर्माण इस तरह किया गया है कि मंदिर सूर्य की किरणों से रोशन रहे और जब तक सूरज रहता है तब तक मंदिर में प्रकाश रहता है क्योंकि मंदिर में लाइट की व्यवस्था नहीं है.

Surya Narayana Temple Surya Narayana Temple
हाइलाइट्स
  • नागर शैली में बना है यह मंदिर

  • मंदिर लगभग 600 साल पुराना है

राजस्थान के पाली में सादड़ी के पास एक प्रसिद्ध सूर्य मंदिर है, जिसे सूर्य नारायण मंदिर के नाम से जाना जाता है. यह सूर्य मंदिर, नागर शैली में सफेद संगमरमर से बना है. सुंदर सूर्य नारायण मंदिर भगवान सूर्य को समर्पित मंदिर है, जो अपने अद्वितीय और अद्भुत वास्तुशिल्प डिजाइन के लिए जाना जाता है. यह सूर्य मंदिर दुनियाभर से भक्तों और पर्यटकों को आकर्षित करता है. 

दीवारों पर की गयी नक्काशियां भगवान सूर्य से सम्बन्धित विभिन्न दृश्यों को दर्शाती हैं. यहां पर भगवान सूर्य का अपने सात घोड़ों वाले रथ में सवार होने वाला दृश्य है. भारतीय वास्तुकला का अनुपम उदाहरण इस मंदिर के लिए ऐसा कहा जाता है कि इसका निर्माण 15वीं सदी में किया गया था. 

महाराज कुंभा के वंशज ने बनवाया 
इस सूर्य मंदिर की दीवारों पर योद्धाओं, घोड़ों और देवताओं की प्रतिमाओं की अद्भुत नक्काशी हुई है, जो उस युग के लोगों की कलात्मक उत्कृष्टता का प्रतिनिधित्व करती है. इसके गर्भगृह से पहले एक अष्टकोणीय मंडप है. अष्टकोणीय मंडप में छह बरामदे हैं. यह मंदिर रणकपुर से भी प्राचीन मंदिर है. बताया जाता है कि इसको महाराज कुंभा के वंशज ने बनाया था. 

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इस मंदिर के अंदर सूर्य देव की मूर्ति है. मंदिर के पुजारी बताते हैं कि सूर्य देव की मूर्ति लगभग एक हजार साल पुरानी है जबकि मंदिर लगभग 600 साल पुराना है. इस मंदिर में चारों और कुल 434 घोड़े हैं.  पांच और सात के समुह में बने इन घोड़ों पर देवता विराजमान हैं.

(भारत भूषण जोशी की रिपोर्ट)