Saharanpur News
Saharanpur News
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कांवड़ यात्रा के दौरान एक अनोखी और भावुक तस्वीर देखने को मिली. हरिद्वार से जल लेकर चंडीगढ़ जा रहा एक परिवार अपनी माताजी को कांवड़ में बैठाकर यात्रा कर रहा है. बेटा, बहू, पोता बारी-बारी से कांवड़ को अपने कंधों पर उठाकर मां को लेकर आगे बढ़ रहे हैं. कभी बेटा और बहू कांवड़ उठाते हैं तो कभी बेटा और भतीजा, जबकि कभी बहू मिलकर अपनी माताजी को लेकर चलते हैं. करीब 260 किलोमीटर की इस यात्रा में परिवार के सदस्य मां की सेवा करते हुए नजर आ रहे हैं.
मां-बाप से बढ़कर कुछ नहीं है- राजकुमार
राजकुमार ने बताया कि वह हरिद्वार से गंगाजल लेकर चंडीगढ़ जा रहे हैं और इस यात्रा को श्रवण कुमार कांवड़ कहते हैं. उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार साल से वह कांवड़ लेने नहीं आ पाए थे, लेकिन इस बार माताजी को ही साथ लेकर आए हैं. उनका कहना है कि आज के समय में मां-बाप की सेवा करना बेहद जरूरी है. राजकुमार के मुताबिक, दुनिया में मां-बाप के प्यार और सेवा से बढ़कर कुछ नहीं है. परिवार भोलेनाथ की कृपा से यात्रा पूरी होने की उम्मीद के साथ आगे बढ़ रहा है.
260 किमी का है सफर- राजकुमार
राजकुमार बताते हैं कि मैं हरिद्वार से जल लेकर चंडीगढ़ जा रहा हूं. 260 किलोमीटर का सफर है. इसको श्रवण कुमार कावड़ बोलते हैं. अभी हम कावड़ लेकर चल रहे हैं. मैं हूं, मेरी वाइफ है, भतीजा है और साथ में आगे भाभी और भांजा भी चल रहे हैं. भोले की कृपा है. इसीलिए हम चल रहे हैं ठीक-ठाक.
सास को कांवड़ में लेकर जाना खुशी की बात- बहू
माताजी जैदी ने बताया कि बेटा और बहू अपनी इच्छा से उन्हें कांवड़ में लेकर आए हैं और उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है. उन्होंने अपने बेटे और बहू के इस प्यार के लिए भगवान से उन्हें सुख-शांति देने की कामना की. वहीं बहू पूजा ने कहा कि सास को कांवड़ में बैठाकर ले जाने में उन्हें बेहद खुशी हो रही है. परिवार हरिद्वार से चंडीगढ़ तक का सफर साथ मिलकर तय कर रहा है और इस यात्रा का पूरा आनंद ले रहा है. सहारनपुर से गुजरती यह श्रवण कुमार वाली कांवड़ लोगों के बीच आकर्षण और भावुकता का केंद्र बनी हुई है.
ये भी पढ़ें: