Aghori Kanwar
Aghori Kanwar
सावन में कांवड़यात्रा के दौरान हर कोई अपनी अनोखी कांवड़ लेकर चलता है. कई बार तो कांवड़ ऐसी होती है कि लोग देखते ही रह जाते हैं. इसी कड़ी में हापुड़ के आसोड़ा गांव से आए शिवभक्त हरिओम चिंगारी अपनी विशाल थीम आधारित कांवड़ लेकर शिव चौक पर पहुंचे, जहां भगवान भोलेनाथ की बारात, अघोरियों का तांडव, शिवगणों की झांकी और आग उगलते कलाकारों की प्रस्तुति ने हजारों श्रद्धालुओं का मन मोह लिया. देर रात तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ इस अनोखी कांवड़ को देखने के लिए शिव चौक पर जुटी रही.
शिवभक्त हरिओम चिंगारी की इस विशेष कांवड़ में भगवान शिव के रौद्र और अघोर स्वरूप को जीवंत किया गया था. झांकी में अघोरी, शिवगण, भूत-प्रेत और भगवान भोलेनाथ की बारात का अनूठा चित्रण किया गया. डमरू की गूंज, नर नरमुंडो की माला पहनकर शिवभक्तों का अघोरी तांडव, शंखनाद, विशेष लाइटिंग और कृत्रिम धुएं के बीच ऐसा माहौल बना कि पूरा शिव चौक 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष से गूंज उठा.
झांकी के दौरान आग उगलते कलाकारों की प्रस्तुति भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही. जैसे ही कलाकारों ने आग की लपटें हवा में छोड़ीं, पूरा माहौल तालियों और जयघोष से गूंज उठा. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई इस दृश्य को देखकर रोमांचित नजर आया. इस दौरान श्रद्धालु लगातार इस अनोखी झांकी के वीडियो और तस्वीरें अपने मोबाइल में कैद करते दिखे.
शिवभक्त हरिओम चिंगारी ने बताया कि उनकी टीम हर वर्ष अलग-अलग धार्मिक विषयों पर आधारित थीम की कांवड़ तैयार करती है. इस बार भगवान भोलेनाथ की बारात और अघोर परंपरा को दर्शाने वाली झांकी बनाई गई है, जिसे तैयार करने में कई सप्ताह की मेहनत लगी. विशेष वेशभूषा, मंच सज्जा, लाइटिंग और कलाकारों के अभ्यास के बाद इस प्रस्तुति को अंतिम रूप दिया गया है.