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अगहन में पवित्र नदी में स्नान और भगवान कृष्ण की करें पूजा, सारी मनोकामना होगी पूरी

अगहन के महीने में पवित्र नदियों में स्नान, तीर्थ दर्शन और भगवान कृष्ण के बाल रूप की पूजा होती है. इस महीने में धर्म-कर्म से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है.

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अगहन में भगवान कृष्ण के बाल रूप की पूजा का विशेष महत्व है अगहन में भगवान कृष्ण के बाल रूप की पूजा का विशेष महत्व है
हाइलाइट्स
  • भक्त भगवान कृष्ण के बाल रूप की पूजा करें

  • धर्म-कर्म से अक्षय पुण्य की होती है प्राप्ति

अगहन का महीना शुरू हो गया है जो 19 दिसंबर तक चलेगा. हिंदी पंचांग के मुताबिक ये नौवां महीना है. इस महीने में पवित्र नदियों में स्नान और भगवान कृष्ण के बाल रूप की विशेष रूप से पूजा करनी चाहिए.

इस महीने को लेकर ज्योतिषाचार्य नागेंद्र पांडेय बताते हैं कि सभी महीनों में मार्गशीर्ष मेरा ही स्वरूप है. इसलिए इस महीने में भगवान श्रीकृष्ण के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा होती है. भगवान के बाल गोपाल रूप की पूजा करने का विशेष महत्व है. इससे विशेष फल मिलता है.

अक्षय पुण्य की होती है प्राप्ति
मार्गशीर्ष महीने के बारे में ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि इस माह में किए गए धर्म-कर्म से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. इस महीने में भगवान कृष्ण की भक्ति करने से मनोवांछित फल मिलता है. जो भक्त पूरी साधना से भगवान कृष्ण की भक्ति में लगा रहता है उसकी सारी इच्छाएं पूरी होती है.

इस माह में क्या करें-

  • मार्गशीर्ष में पवित्र नदियों में स्नान और तीर्थ दर्शन का विशेष महत्व है.
  • भगवान कृष्ण ने गोपियों से कहा था कि इस महीने यमुना नदी में स्नान करना चाहिए. तभी से यह परंपरा चली आ रही है.
  • इस महीने खासतौर पर लोग मथुरा में यमुना नदी में स्नान करने पहुंचते हैं.