हिमाचल प्रदेश की कुल्लू घाटी में होली का अनोखा रंग देखने को मिल रहा है. यहाँ बसंत पंचमी से शुरू होकर 40 दिनों तक होली का उत्सव चलता है. बैरागी समुदाय के लोग भगवान रघुनाथ के मंदिर में पूजा अर्चना करते हैं और होली गीत गाते हैं. कुल्लू की होली में संस्कृति की खास झलक दिखती है, जहाँ लोग पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार त्योहार मनाते हैं. यहाँ ब्रज और अवधि भाषा के गीत गाए जाते हैं, जो भगवान कृष्ण और राम से जुड़े हैं.