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Khushi Won Gold Medal:  हरियाणा की बेटी खुशी ने ग्रेपलिंग रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत प्रदेश का नाम किया रोशन, अब ओलंपिक में पदक का सपना

हरियाणा की बेटी खुशी ने ग्रेपलिंग रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है. खुशी पिछले छह वर्षों से कुश्ती का प्रशिक्षण ले रही है. फिल्म दंगल से प्रेरित होकर कुश्ती की ओर कदम बढ़ाने वाली खुशी अब ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतने का सपना देख रही हैं.

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Khushi Won a Gold Medal in the Grappling Wrestling Championship Khushi Won a Gold Medal in the Grappling Wrestling Championship

हरियाणा के हांसी क्षेत्र के गांव राजथल की बेटी खुशी ने ग्रेपलिंग रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है. बेटी कि इस बड़ी उपलब्धि के बाद सोशल मीडिया पर उसके माता-पिता का एक वीडियो वायरल होने से नया विवाद खड़ा हो गया. वीडियो को लेकर किए जा रहे दावों पर अब गांव के सरपंच प्रतिनिधि अनिल गोदारा ने सामने आकर अपना पक्ष रखा है.

क्या है पूरा मामला?
खुशी ने 24 से 26 अक्टूबर तक हरिद्वार में आयोजित प्रतियोगिता में अंडर-17 के 52 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया था. उसकी जीत के बाद परिवार और ग्रामीणों में खुशी का माहौल था. इसी बीच खुशी के माता-पिता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. कुछ पोस्ट में दावा किया गया कि बेटी के स्वागत के लिए गांव के लोग नहीं पहुंचे और माता-पिता अकेले ही खुशी मनाते दिखाई दिए. हालांकि, परिवार और सरपंच प्रतिनिधि ने इन दावों को गलत संदर्भ में पेश किया गया बताया है.

सरपंच का बड़ा बयान
गांव के सरपंच प्रतिनिधि अनिल गोदारा ने कहा कि खुशी का गांव में ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ स्वागत किया गया था. उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर माता-पिता के वीडियो को गलत तरीके से दिखाया गया. उनके अनुसार, परिवार बेटी को पूजा के लिए लेकर गया था और उसी दौरान का वीडियो प्रसारित किया गया. अनिल गोदारा ने सोशल मीडिया संचालकों से अपील की कि किसी भी वीडियो को पूरी जानकारी के बिना वायरल न करें. उन्होंने कहा कि गांव की बेटी ने गोल्ड मेडल जीतकर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है और उसकी उपलब्धि को सम्मान मिलना चाहिए.

छह साल की मेहनत, अब ओलंपिक में पदक का सपना
खुशी पिछले छह वर्षों से कुश्ती का प्रशिक्षण ले रही है. वह दिल्ली के चंद्र अखाड़े में अभ्यास करती है और खेल के साथ पढ़ाई भी जारी रखे हुए है. फिल्म दंगल से प्रेरित होकर कुश्ती की ओर कदम बढ़ाने वाली खुशी अब ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतने का सपना देख रही है. गोल्ड मेडल जीतने के बाद ग्रामीणों ने उसका सम्मान किया. इस दौरान सरपंच प्रतिनिधि अनिल गोदारा, सतरोल खाप के पूर्व उपप्रधान राजकुमार शर्मा सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे. परिवार के अनुसार, आम आदमी पार्टी के एक नेता ने भी खुशी को 11 हजार रुपए का चेक देकर सम्मानित किया.

थाने में शिकायत देने की बात
इस मामले में ग्रामीणों की ओर से नारनौंद थाने में शिकायत देकर 20 से अधिक सोशल मीडिया संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग किए जाने की बात कही गई है. शिकायत और पुलिस की कार्रवाई की आधिकारिक स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है. खुशी और उसके पिता सुनील कुमार ने वायरल वीडियो को लेकर अपना पक्ष रखते हुए भ्रामक प्रचार से जुड़ी सामग्री हटाने की अपील की है. वायरल वीडियो को लेकर उठे सवालों का फैसला तथ्यों के आधार पर ही होना चाहिए.