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8 साल की लड़की का कमाल, हवा में 25 सेकंड में 50 बार हूला हूप, इंडिया बुक रिकॉर्ड में नाम दर्ज

पंजाब के जालंधर की 8 साल की हरनाज ने हूला हूप में अनोखा रिकॉर्ड बनाया. हरनाज ने 25 सेकंड में 50 बार हूला हूप किया. हरनाज का नाम India Book of Records में दर्ज हो गया है. अब उनका अगला लक्ष्य गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड और एशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराना है.

8-Year-Old Jalandhar Girl Enters India Book of Records 8-Year-Old Jalandhar Girl Enters India Book of Records

पंजाब के जालंधर शहर की महज 8 साल की मासूम बेटी हरनाज़ कौर ने एक अनोखा कीर्तिमान बनाया है. हरनाज ने इतनी छोटी सी उम्र में हूला हूप में अपना नाम India Book of Records में दर्ज कराया है. हरनाज ने लटके हुए महज 25 सेकेंड में 50 बार हूला हूप करके नया रिकॉर्ड बनाया है. हरनाज का अब अगला लक्ष्य गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्डस में अपना नाम दर्ज करना है.

8 साल की मासूम का कमाल-
जालंधर की रहने वाली हरनाज कौर कोहली ने एक नया कारनामा किया है. महज आठ साल की हरनाज ने अपनी मेहनत और हुनर से बड़ा मुकाम हासिल किया है. हरनाज ने रॉड के साथ हवा में लटककर महज 25 सेकेंड में 50 बार हूला हूप घुमाने का कीर्तिमान बनाया है. हरनाज ने ये रिकॉर्ड बना कर अपने शहर और राज्य का नाम रौशन किया है.

इंडिया बुक रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम-
हरनाज की इस उपलब्धि पर उनका नाम इंडिया बुक रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है. हरनाज की उम्र में भारत या दुनिया में किसी अन्य बच्ची ने यह उपलब्धि हासिल नहीं की है. हरनाज ने अपनी इस अनूठी गेम को खुद ही विकसित किया है, जिसमें लटकने और हूला हूप करने  दोनों को एक साथ जोड़ा गया है. 

रोजाना प्रैक्टिस से हासिल हुआ मुकाम-
रोजाना घंटों की कड़ी मेहनत, सुबह-सुबह हर रोज प्रैक्टिस और लगातार जुनून ने हरनाज को इस मुकाम तक पहुंचाया है. हरनाज़ की इस सफलता से पूरे परिवार में खुशी और गर्व का माहौल है. रिश्तेदार, पड़ोसी और शहर के कई लोग लगातार फोन और सोशल मीडिया के जरिए परिवार को बधाइयां दे रहे हैं.

स्केटिंग में 18 मेडल-
हरनाज बचपन से प्रतिभाशाली रही है और उन्होंने ये उपलब्धि अपने कड़ी मेहनत और लगन से हासिल की है. हरनाज केवल हूला हूप नहीं, बल्कि स्केटिंग में भी अपना कमाल दिखा चुकी है और अब तक 12 गोल्ड समेत 18 मेडल जीत चुकी हैं. हरनाज के परिवार का मानना है कि हरनाज की ये सफलता समाज के दूसरे बच्चों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बनेगी.

इस उपलब्धि के बाद हरनाज का अगला सपना ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ और ‘एशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में देश का नाम रोशन करना है. हरनाज की सफलता ये बताती है कि अगर मन में आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत करने का जज्बा हो, तो उम्र मायने नहीं रखती और किसी भी उम्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं.

(देविंदर कुमार की रिपोर्ट)

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