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खत्म हो गया आईपॉड का दौर, जानें कैसा रहा इसका 21 सालों का सफर

21 साल पहले 23 अक्टूबर 2001 को आईपॉड लॉन्च किया गया था. 90 के दशक के बाद जब दुनिया ने नई शताब्दी में कदम रखा तो उस दौर में जिक इंडस्ट्री कैसेट्स, सीडी, डीवीडी पर निर्भर थी, औज ज्यादातर गाने और फिल्में पायरेटेड आ रही थी. ऐसे में एप्पल आईपॉड ने म्यूजिक को डिजिटल स्वरूप में बदला.

आईपॉड आईपॉड
हाइलाइट्स
  • 2014 में ही फीकी पड़ गई थी आईपॉड की चमक

  • 21 साल पहले क्रांति लेकर आया था आईपॉड

एप्पल के प्रोडक्ट सभी को अच्छे लगते हैं. लेकिन 90 के दशक में जन्में लोगों में एप्पल का आईपोड (Apple Ipod) काफी लोकप्रिय था. हालांकि अब 20 साल बाद एप्पल अपने म्यूज़िक स्ट्रीमिंग डिवाइस iPod को बंद करने जा रहा है. एप्पल ने 20 साल पहले अपना iPod पेश किया था, जिस वक्त ये मार्केट में नया लॉन्च हुआ था, उस वक्त म्यूजिक लवर्स के लिए पसंदीदा स्ट्रीमिंग म्यूजिक गैजेट बन गया था. कंपनी ने ऐलान किया है कि लेटेस्ट एडिशन, आईपॉड टच, अब सप्लाई खत्म होने तक ही उपलब्ध रहेगा. एप्पल ने घोषणा की है कि वह आईपॉड टच को बंद कर देगा. ये मॉडल पहली बार वह आईपॉड टच को बंद कर देगा. आईए ipod के सफर पर एक नजर डालते हैं. 

आईपॉड का अब तक का सफर
आईपॉड को 21 साल पहले 23 अक्टूबर 2001 को लॉन्च किया गया था. उसके बाद कंपनी के फाउंडर और CEO स्टीव जॉब्स ने 6 जनवरी 2004 को सैन फ्रांसिस्को में मैक्वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस में आईपॉड मिनी को लॉन्च किया था. हालांकि आईपॉड मिनी के 2 साल चलने के बाद ही कंपनी ने इसका अपडेटेड वर्जन लॉन्च कर दिया. 25 सितंबर 2006 में नैनो (2nd जनरेशन) लॉन्च हुआ था. जिसमें एक साथ में 2 हजार गाने स्टोर हो सकते थे. फिर आया साल 2007, जिसमें 5 सितंबर को आईपॉड टच लॉन्च हुआ था. इसमें एप्पल मल्टी-टच इंटरफेस लाया था, जिसमें 3.5 इंच वाइड स्क्रीन डिस्प्ले भी था. वहीं नैनो (7th जनरेशन ) को 12 सितंबर 2012 में पेश किया गया था. फिर 15 जुलाई 2015 को आईपॉड शफल (4th जनरेशन) पेश किया था. जिसमें 2 जीबी का स्टोरेज और वॉयलओवर बटन भी मिल रहा था. फिर 28 मई 2019 को आईपॉड टच (7th जेनरेशन) में A10 फ्यूजन चिप दी गई थी, और ये एप्पल आईपॉड में दिया जाने वाला आखिरी अपडेट था. 

2014 में ही फीकी पड़ गई थी आईपॉड की चमक
दरअसल आईफोन के आने के बाद आईपॉड का क्रेज कम होने लगा था. आईफोन के आने के एक दशक के अंदर ही आईपॉड की चमक फीकी पड़ने लगी थी. कंपनी ने 2014 से ही आईपॉड के मॉडल्स को लाना धीरे-धीरे बंद कर दिया था. 2014 में कंपनी ने आईपॉड क्लासिक बनाना बंद कर दिया था. वहीं 2017 में एप्पल के सबसे छोटे म्यूजिक प्लेयर आईपॉड नैनो और आईपॉड शफल को बनाना बंद कर दिया था.

21 साल पहले क्रांति लेकर आया था आईपॉड
90 के दशक के बाद जब दुनिया ने नई शताब्दी में कदम रखा तो उस दौर में जिक इंडस्ट्री कैसेट्स, सीडी, डीवीडी पर निर्भर थी, औज ज्यादातर गाने और फिल्में पायरेटेड आ रही थीं. ऐसे में एप्पल आईपॉड ने म्यूजिक को डिजिटल स्वरूप में बदला. आईपॉड को 21 साल पहले 23 अक्टूबर 2001 को लॉन्च किया गया. जिसके बाद न तो किसी को सीडी प्लेयर की जरूरत थी, न ही वॉकमैन की. छोटा सा ये गैजेट पहले एमपी3 प्लेयर था, जिसमें 1000 से ज्यादा गाने और 10 घंटे की बैटरी को स्टोर करने में सक्षम था. जिसे आप चलते फिरते कहीं भी ले जा सकते थे. 

आखिर क्यों बंद करना पड़ा आईपॉड
एपल ने जब 2001 में आईपॉड लॉन्च किया था, तब इसकी पॉपुलैरिटी काफी ज्यादा थी. इसमें एप्पल को जबरदस्त सफलता मिली थी. आईपॉड के कई वर्जन भी रिलीज किए गए, लेकिन 2007 में आईफोन के लॉन्च के बाद से लोगों में आईपॉड का क्रेज खत्म होने लगा, और आईपॉड की जगह आईफोन के एप्पल म्यूजिक ने ले ली.

वैसे तो अब आईपॉड बंद हो चुका है, पर 90 के दशक के बच्चों के लिए ये काफी स्पेशल होता था. जिस किसी बच्चे के पास एप्पल का आईपॉड होता था, तो उसको समाज में बड़ा सम्मान मिलता था.