Inverter Vs Non-Inverter AC
Inverter Vs Non-Inverter AC
देशभर में इस समय खतरनाक गर्मी पड़ रही है. कई शहरों में तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. ऐसे में लोगों के लिए बिना एसी के रहना मुश्किल हो गया है. घरों और ऑफिसों में तेजी से एयर कंडीशनर का इस्तेमाल बढ़ रहा है. मार्केट में आजकल विंडो एसी, स्प्लिट एसी, इन्वर्टर एसी और नॉन-इन्वर्टर एसी जैसे कई ऑप्शन मौजूद हैं. लेकिन अक्सर लोग इन्वर्टर एसी नाम सुनकर यह समझ लेते हैं कि यह बिजली जाने पर इन्वर्टर की बैटरी पर आसानी से चल जाएगा.
क्या होता है नॉन-इन्वर्टर एसी?
नॉन-इन्वर्टर एसी पुराने तरीके की तकनीक पर काम करता है. जब आप इसे ऑन करते हैं तो इसका कंप्रेसर पूरी स्पीड से चलता है और कमरे को ठंडा करना शुरू कर देता है. जैसे ही कमरे का तापमान एसी में सेट किए गए तापमान तक पहुंच जाता है, कंप्रेसर बंद हो जाता है. इसके बाद जब कमरे का तापमान फिर बढ़ने लगता है तो कंप्रेसर दोबारा ऑन होता है और कमरे को ठंडा करता है. यानी इसमें कंप्रेसर बार-बार ऑन और ऑफ होता रहता है. यही वजह है कि इसकी बिजली खपत ज्यादा होती है.
इन्वर्टर एसी कैसे करता है काम?
इन्वर्टर एसी की तकनीक थोड़ी अलग होती है. इसमें कंप्रेसर पूरी तरह बंद नहीं होता. जब कमरा सेट तापमान तक पहुंच जाता है तो कंप्रेसर की स्पीड कम हो जाती है. वहीं तापमान बढ़ने पर यह फिर तेज स्पीड से काम करने लगता है. इन्वर्टर एसी जरूरत के हिसाब से अपनी स्पीड कम-ज्यादा करता रहता है. इससे बिजली की बचत होती है और बिजली का बिल भी कम आता है. यही वजह है कि आजकल लोग इन्वर्टर एसी ज्यादा पसंद कर रहे हैं.
क्या इन्वर्टर से चल सकता है एसी?
बहुत से लोगों को लगता है कि इन्वर्टर एसी का मतलब है कि यह घर के इन्वर्टर पर आसानी से चल जाएगा. लेकिन ऐसा नहीं है. इन्वर्टर एसी का नाम उसकी तकनीक की वजह से है, न कि घर के पावर इन्वर्टर पर चलने की वजह से. तकनीकी तौर पर अगर आपके पास बहुत हाई पावर वाला इन्वर्टर और बड़ी बैटरी बैकअप हो तो एसी चलाया जा सकता है. लेकिन सामान्य घरेलू इन्वर्टर पर एसी चलाना आसान नहीं होता.