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दरभंगा बनेगा वर्ल्ड क्लास स्टेशन, एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं, कम होगा ट्रेनों का समय… जानिए आम लोगों को क्या मिलेगा फायदा

अगले दो महीनों में समस्तीपुर से दरभंगा रेलखंड का दोहरीकरण पूरा कर लिया जाएगा. इससे ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और समय सारिणी में कटौती संभव होगी. यानी यात्रियों को कम समय में गंतव्य तक पहुंचने का लाभ मिलेगा.

Darbhanga railway station redevelopment Darbhanga railway station redevelopment
हाइलाइट्स
  • समय बचेगा, लेटलतीफी होगी कम

  • आम लोगों को क्या मिलेगा फायदा

बिहार के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. पूर्व मध्य रेल के तहत अमृत भारत योजना में 97 स्टेशनों को वर्ल्ड क्लास स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है. इसी कड़ी में समस्तीपुर रेल मंडल के दरभंगा स्टेशन का करीब 350 करोड़ रुपए की लागत से कायाकल्प किया जा रहा है. यहां यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी.

पूर्व मध्य रेल के अपर महाप्रबंधक अमरेन्द्र कुमार ने समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड का निरीक्षण करते हुए पुनर्विकास कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने बताया कि स्टेशन पर आधुनिक वेटिंग हॉल, एस्केलेटर-लिफ्ट, बेहतर प्लेटफॉर्म, डिजिटल सूचना प्रणाली, साफ-सुथरे शौचालय और बेहतर पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. इससे यात्रियों को आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा.

समय बचेगा, लेटलतीफी होगी कम
अधिकारियों के मुताबिक, अगले दो महीनों में समस्तीपुर से दरभंगा रेलखंड का दोहरीकरण पूरा कर लिया जाएगा. इससे ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और समय सारिणी में कटौती संभव होगी. यानी यात्रियों को कम समय में गंतव्य तक पहुंचने का लाभ मिलेगा.

रामभद्रपुर से थलवारा स्टेशन के बीच दोहरीकरण कार्य का 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रायल भी किया गया है. कुछ स्थानों पर पुल निर्माण कार्य बाकी है, जिसे दो-तीन महीने में पूरा करने का लक्ष्य है.

‘कवच’ से बढ़ेगी सुरक्षा
पूर्व मध्य रेल में एबीएस (कवच) प्रणाली तेजी से लागू की जा रही है. यह स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है, जिससे ट्रेनों की टक्कर की संभावना कम होगी और गति बढ़ने के बावजूद सुरक्षा बनी रहेगी. इससे ट्रेनों की लेटलतीफी में भी कमी आने की उम्मीद है.

हसनपुर-सकरी रेलखंड से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
हसनपुर से सकरी रेलखंड पर भी काम जारी है. फिलहाल भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, जिसे 8-9 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है. इसके बाद ट्रैक बिछाने का काम शुरू होगा. अनुमान है कि दो से तीन साल में यह रेलखंड तैयार हो जाएगा. इससे उत्तर बिहार के कई इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और लोगों को सीधी रेल सुविधा मिल सकेगी.

आम लोगों को क्या फायदा?

  • यात्रा होगी तेज और सुरक्षित

  • स्टेशन पर एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं

  • कम समय में गंतव्य तक पहुंचने का लाभ

  • बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार और रोजगार को बढ़ावा

  • स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया अवसर