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New Toll Tax: हिमाचल प्रदेश में वाहन चालकों की जेबें होंगी ढीली, देना होगा ज्यादा टोल टैक्स, 1 अप्रैल से नई नीति होगी लागू

यदि आप हिमाचल प्रदेश जाने वाले हैं तो इस खबर को जरूर पढ़ लीजिए. 1 अप्रैल से नई टोल नीति लागू हो रही है. टोल टैक्स बढ़ने के कारण आपकी जेबें ढीली होंगी. आर्थिक संकट से निपटने के लिए सुक्खू सरकार ने टोल टैक्स बढ़ाने का निर्णय लिया है. 

Toll Tax (Symbolic Photo) Toll Tax (Symbolic Photo)

हिमाचल प्रदेश में आर्थिक संकट के बीच सुक्खू सरकार ने नई टोल टैक्स की दरें जारी की हैं और एंट्री टैक्स में करीब करीब दोगुना इजाफा किया है. दरअसल, हिमाचल प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बैरियर नीति अधिसूचित कर दी है. 12 फरवरी की कैबिनेट में मंजूरी के बाद प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से नई टोल नीति लागू हो जाएगी. इसका सीधा असर दूसरे प्रदेश से आने वाली गाड़ियों पर पड़ेगा. वाहन चालकों के साथ अपनी गाड़ियों में आने वाले सैलानियों को भी जेबें ढीली करनी पड़ेगी. प्रदेश कुल 55 एंट्री बैरियर हैं. अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं. 

अब देने होंगे इतने रुपए 
नई दरों के लागू होने के बाद बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों को हिमाचल प्रदेश में एंट्री के लिए अब 170 रुपए चुकाने होगे. इससे पहले, 70 रुपए एंट्री टैक्स लगता था. उधर, 12 प्लस 1 सवारी बैठाने वाले वाहनों से पहले 110 रुपए  लिए जाते थे, उनसे भी अब 170 रुपए वसूले जाएंगे. हेवी वाहनों से पहले 720 रुपए एंट्री टैक्स लिया जाता था, लेकिन अब 900 रुपए चुकाने होंगे.निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी जैसे जेसीबी और अन्य वाहनों से पहले 570 रुपए टैक्स लिया जाता था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 800 रुपए कर दिया गया है. ट्रैक्टर का प्रवेश शुल्क सीधे 70 रुपए से 100 रुपए किया गया है. हालांकि, डबल एक्सल बस और ट्रक के लिए 570 रुपए फीस रखी गई है, जिसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है. 

इतने हैं एंट्री टैक्स  बैरियर 
जानकारी के अनुसार,हिमाचल प्रदेश में सिरमौर के गोविंदघाट, नूरपुर के कंडवाल, ऊना के मैहतपुर, बद्दी, परवाणू और बिलासपुर जिले केगरामोड़ा के पास राज्य एंट्री टैक्स बैरियर हैं. अहम बात है कि हिमाचल प्रदेश के वाहनों के लिए यहां पर कोई एंट्री टैक्स नहीं लगता है. इस बैरियर्स पर अब फास्ट टैग भी लगाए जाएंगे. इस बैरियर्स की नीलामी के लिए डीसी की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है और इसमें आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारी भी सदस्य होंगे. आर्थिक संकट के बीच यह फैसला लिया गया है. हिमाचल प्रदेश मौजूदा समय में गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है और ऐसे में सरकार ने आय बढ़ाने के लिए यह इजाफा किया है. लगातार सरकार पर टैक्स लगाने का दवाब बढ़ रहा है.

(अमन भारद्वाज की रिपोर्ट)