Iran-Israel War
Iran-Israel War
इजराइल और अमेरिका ने 28 फरवरी 2026 को ईरान पर भीषण हमला किया. ईरान के ऊपर एक साथ कई मिसाइलें दागी. ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई के घर और ऑफिस को भी निशाना बनाया गया. इजराइल और अमेरिका ने ईरान की राजधानी तेहरान, खोर्रमाबाद, कौम और इस्फहान जैसे शहरों को निशाना बनाया. इजराइल और अमेरिका के हमले के बाद ईरान ने भी जंग का ऐलान करते हुए पलटवार किया है. ईरान ने जवाबी मिसाइल हमले में इजरायल के हाइफा, तेल अवीव और गैलिली जैसे शहरों पर निशाना बनाया है. आइए जानते हैं इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर क्यों हमला किया, क्या है इसकी बड़ी वजह?
ईरान ने एक साथ 8 देशों पर किया जवाबी हमला
ईरान ने पहले ही कहा था वह इतना घातक हमला करेगा कि किसी ने सोचा भी नहीं होगा. ईरान ने इजराइल पर हमला करने के साथ मध्य पूर्व में स्थित अमेरिका के 7 सैन्य अड्डों पर बैलेस्टिक मिसाइलों से हमला किया है. ईरान ने एक साथ 8 देशों पर जवाबी हमला किया है. ईरान ने सऊदी अरब, जॉर्डन, बहरीन, कुवैत, कतर, UAE में स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डों पर हमला किया है. ईरान ने यह खबर लिखे जाने तक 70 मिसाइलें दागीं थी. आइलैंड किंगडम में US नेवी के 5th फ्लीट हेडक्वार्टर को निशाना बनाकर मिसाइल हमला किया है. इजराइल की आर्मी IDF ने कहा है कि ईरान से इजराइल की ओर बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की पहचान हुई है, पूरे देश में अलर्ट एक्टिवेट कर दिया गया. ईरान की आर्मी IRGC ने कहा है कि इजराइल पर ड्रोन मिसाइल हमलों की पहली लहर अभी अभी पूरी हुई है.
ईरान के समर्थन में हूती-हिज्बुल्लाह ने भी किया हमला
मध्य-पूर्व की इस जंग का दायरा बढ़ता ही जा रहा है. अब इस जंग में ईरान के समर्थन में हूती और हिज्बुल्लाह भी उतर आए हैं. यमन से हूतियों ने इजराइल पर बैलेस्टिक मिसाइलों से हमला किया है. लेबनान से आतंकी संगठन हिज्बुल्लाह ने भी इजराइल पर हमला किया है.
ये है ईरान पर हमले की बड़ी वजह
इजराइल और अमेरिका की ईरान पर हमले की बड़ी वजह ईरान की परमाणु शक्ति बनने की महत्वाकांक्षा है. ईरान लगातार परमाणु शक्ति संपन्न देश बनने की कोशिश लगा हुआ है. उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो ईरान को किसी भी हाल में परमाणु बम नहीं बनाने देंगे. अमेरिका और इजराइल को इस बात का डर है कि कहीं ईरान चुपके से परमाणु बम नहीं बना ले क्योंकि ईरान परमाणु बन बनाने के लिए पहले भी कुछ हरकत कर चुका है. ईरान ने यूरेनियम की बड़ी मात्रा जमा कर रखी है. यूरेनियम का परमाणु बम बनाने में इस्तेमाल किया जाता है. इसी को लेकर जून 2025 में भी ईरान पर हमला हुआ था. इसके बावजूद ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया. अमेरिका और इजरायल दोनों देश ईरान पर हमला करके उसके परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह रोक देना चाहते हैं ताकि ईरान कभी भी परमाणु शक्ति बनने की सोच भी नहीं सके. इसी वजह से ईरान पर इजराइल और अमेरिका की ओर फिर घातक हमला किया गया है.
इजराइल और अमेरिका के दुश्मनों का ईरान करता है सहायता
इजराइल और अमेरिका के दुश्मनों का ईरान सहायता करता है. इस वजह से भी ईरान दोनों देशों के निशाने पर है. ईरान अपना सर्मथन हिजबुल्लाह (लेबनान), हमास (गाजा), हूती (यमन) और इराक/सीरिया में शिया मिलिशिया को देता है. उधर, 2023-2024 गाजा युद्ध में इन ग्रुप्स ने अमेरिका और इजराइल पर हमले किए थे. यह भी एक कारण जो अमेरिका और इजराइल के अंदर ईरान के खिलाफ नफरत पैदा करता है.
ट्रंप ने कहा- अब बात नहीं, एक्शन होगा
आपको मालूम हो कि अमेरिका ने बीते कुछ समय में कई बार ईरान पर प्रेशर बनाया है कि वह अपना सारा परमाणु प्रोग्राम बंद कर दें. ईरान अपना सारा संवर्धित यूरेनियम अमेरिका को सौंप दे. ईरान मिसाइल प्रोग्राम और प्रॉक्सी ग्रुप्स हिजबुल्लाह, हमास, हूती को सपोर्ट बंद कर दे लेकिन ईरान ने अमेरिका ये शर्तें नहीं मानीं. ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अब ईरान से बात नहीं होगी, अब उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा. इसी कड़ी में इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर हमला किया है.