अलसी के बीज ओमेगा-3 फैटी एसिड और फाइबर से भरपूर होते हैं. अलसी के बीज हृदय के स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं और कैंसर जैसी पुरानी बीमारियों को रोकने में मदद करते हैं. इन्हें पाउडर के रूप में नाश्ते या रोटी के आटे में मिलाकर सेवन करना सबसे अच्छा तरीका है.
सौंफ के बीज फाइबर युक्त होते हैं और पेट की समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं. सौंफ के बीज गैस, फूड पॉइज़निंग और असिड रिफ्लक्स से राहत दिलाने में मदद करते हैं. इन्हें नियमित रूप से खाने से पाचन तंत्र मजबूत होता है.
सूरजमुखी के बीज विटामिन ई और सेलेनियम का बड़ा स्रोत हैं. ये एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होते हैं, जो पुरानी बीमारियों को रोकने में मदद करते हैं. हर दिन दो चम्मच सूरजमुखी के बीज खाने से बांझपन और वजन घटाने में मदद मिलती है. ये बीज दिल को स्वस्थ रखने और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी सहायक हैं.
धनिए के बीज में एंटी इन्फ्लैमेटरी गुण होते हैं, जो बीपी के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं. धनिए के बीज का उपयोग लिवर और कोलोन के डिटॉक्सिफिकेशन में किया जा सकता है. इन्हें पानी में उबालकर पीने से त्वचा की समस्याएं और एसिडिटी में राहत मिलती है.
तुलसी के बीज, जिन्हें सब्जा भी कहा जाता है, पोषण से भरपूर होते हैं. इनमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और फाइबर की खूब मात्रा होती है. ये आंत के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाले प्रीबायोटिक बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं. तुलसी के बीपी कंट्रोल करने में भी सहायता करते हैं. इन्हें रातभर पानी में भिगोकर सुबह सेवन करना सबसे अच्छा तरीका है.