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स्टडी में खुलासा! Omisure किट 40% सैंपल में नहीं लगा पा रही वायरस का पता, अब ICMR को भेजी गई है अपग्रेडेड रिपोर्ट

लेडी कर्जन अस्पताल ने पाया कि 30-40 प्रतिशत सैंपल में ये किट ओमीक्रॉन के सब-वेरिएंट का पता नहीं लगा पाई. यानि टेस्टिंग में विफल हो गई. बता दें, इस किट को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की ओर से मंजूरी भी मिल चुकी है.

Omicron Variant
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 08 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 11:54 AM IST
  • किट नहीं लगा पा रही BA.2 का पता
  • Omisure Kit को किया जाएगा मॉडिफाई

ओमिश्योर किट (Omisure Kit) को कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन की पहचान के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. आरटीपीसीआर मशीन में लगने वाली इस किट से कोरोना जांच भी होती है. ये तीन से चार घंटे के अंदर रिपोर्ट भी दे देती है. लेकिन हाल ही में सामने आया है कि इस स्वदेशी किट से हमेशा ओमीक्रॉन के सब-वेरिएंट का पता नहीं लग पाता है. 

दरअसल, किट का टेस्ट करने के लिए आईसीएमआर-कमीशन की रिसर्च के हिस्से के रूप में, बॉरिंग और लेडी कर्जन अस्पताल ने पाया गया कि 30-40 प्रतिशत सैंपल में ये किट ओमीक्रॉन के सब-वेरिएंट का पता नहीं लगा पाई. यानि टेस्टिंग में विफल हो गई. बता दें, इस किट को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की ओर से मंजूरी भी मिल चुकी है. 

किट नहीं लगा पा रही BA.2 का पता 

Deccan Herald की रिपोर्ट के अनुसार, ये टेस्ट 15 जनवरी से 31 जनवरी तक किये गए. आईसीएमआर (ICMR) ने अस्पताल को दो किट दीं. जिसके बाद इनका टेस्ट किया गया. सूत्रों के अनुसार, रिजल्ट में ये सामने आया है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट का पता लगाने के लिए किट काफी नहीं है. यह ओमिक्रॉन सब-वेरिएंट BA.2 का पता नहीं लगा रही है. यह लगभग 30-40 प्रतिशत तक विफल है. हालांकि, किट के निर्माताओं ने अब इसे और मॉडिफाई किया है, जिससे ये वायरस का पता लगा सकेगी. 

किट को किया जाएगा मॉडिफाई 

मॉडिफाइड किट के साथ उन्हीं सैंपल को टेस्ट किया जाएगा. इससे यह देखा जा सकेगा कि यह BA.2 को डिटेक्ट करती है या नहीं. ICMR ने अब जीनोम सिक्वेंसिंग के साथ इसे क्रॉस-चेक करने के लिए सात से आठ सेंटर से 1,000 सैंपल इकट्ठे किए हैं. 

रिपोर्ट के हवाले से सूत्र ने यह भी खुलासा किया कि कुछ कोविड सैंपल में डेल्टा और ओमिक्रॉन दोनों थे. उन्होंने कहा, "हमने 100 लोगों की जांच की, जिनमें से 30 पॉजिटिव थे और तीन या चार ऐसे थे जिन्हें ड्यूल इन्फेक्शन था (Dual Infection). 

ICMR को सबमिट किया गया है अपग्रेडेड वर्जन 

हालांकि, ओमिश्योर मैन्युफैक्चरर टाटा एमडी ने कहा है कि उन्होंने अब किट को मॉडिफाई करने के लिए अपग्रेडेड वर्जन आईसीएमआर को दे दिया है. अब वो इस इवैल्यूएशन करेंगे. ये नया अपग्रेडेड वर्जन आसानी से ओमिक्रॉन के सब वेरिएंट BA.2 का पता लगा सकेगा. 

कंपनी ने कहा, "आईसीएमआर ने 28 जनवरी को टाटा एमडी से संपर्क किया था और बताया था कि हाल ही में बीए.2 म्यूटेट कर रहा है. ये म्यूटेशन ओमिक्रॉन के ओरिजिनल सब-वेरिएंट बीए.1 और बीए.2 से अलग है. ओमिश्योर की परफॉरमेंस को डेली बेसिस पर मॉनिटर किया जायेगा, और जरूरत पड़ने पर इसे अपग्रेड किया जाएगा.”

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