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Himachal Weather Update: हिमाचल में रिकॉर्ड बारिश और बर्फबारी, 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, पर्यटकों की भीड़ बढ़ी

gnttv.com
  • शिमला,
  • 08 अप्रैल 2026,
  • Updated 12:23 PM IST
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हिमाचल प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है. अप्रैल के दूसरे हफ्ते में जहां आमतौर पर गर्मी की शुरुआत हो जाती है, वहीं इस बार बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी का दौर जारी है. बीते एक सप्ताह में हिमाचल में सामान्य से 120% ज्यादा बारिश दर्ज की गई है, जिससे ठंड एक बार फिर लौट आई है.

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मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इन इलाकों में भारी ओलावृष्टि, तेज बारिश और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है. इसके अलावा अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. मंगलवार शाम से शुरू हुआ बारिश का दौर बुधवार तक जारी रहा.

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ऊंचाई वाले इलाकों में इस बारिश ने बर्फबारी का रूप ले लिया. शिमला के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नारकंडा, कुफरी और खड़पत्थर समेत कई जगहों पर ताजा बर्फबारी हुई. पर्यटकों के लिए यह मौसम किसी सौगात से कम नहीं है, क्योंकि अप्रैल में बर्फबारी देखने का मौका कम ही मिलता है. कई पर्यटक बर्फबारी का आनंद लेने के लिए इन इलाकों का रुख कर रहे हैं.

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हालांकि जहां एक तरफ पर्यटक इस बदले मौसम का लुत्फ उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ गई है. खासकर ऊपरी शिमला में सेब की फसल को नुकसान की खबरें सामने आई हैं. ओलावृष्टि और बर्फबारी के कारण सेब के बगीचों को काफी नुकसान पहुंचा है, जबकि पहले से लगाए गए हेल नेट भी कई जगह बेअसर साबित हुए हैं.
 

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मौसम केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप शर्मा के मुताबिक, 7 से 9 अप्रैल तक मौसम खराब बना रहेगा. खासकर 8 अप्रैल को भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज तूफान की संभावना है, जिसका असर 9 अप्रैल तक देखा जा सकता है. उन्होंने बताया कि 10 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने लगेगा, जिससे मौसम में कुछ सुधार आ सकता है.

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बीते 24 घंटों में बारिश और बर्फबारी के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. प्रदेश का अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस नीचे आ गया है. कल्पा में न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि ऊना में अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस रहा. आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट की संभावना है, जिससे ठंड का असर बना रह सकता है.