मुंबई में मानसून की दस्तक के बीच मोर का अलग ही अंदाज देखने को मिल रहा. राजभवन परिसर में मोर पंख फैलाकर नाचते नजर आए. बारिश में पंख फैलाकर मोर को नाचते देखना बहुत रेयर ही लोग देख पाते हैं. यही वजह है कि मानसून में ऐसी तस्वीरें खूब देखने को मिलती हैं, जो दिल को खुश कर देती हैं.
पंख फैलाकर नर मोर नाचते हैं, मोरनी नहीं. नर मोर अपने रंग बिरंगे और बड़े पंखों का प्रदर्शन करके बारिश में मोरनी को आकर्षित करने की कोशिश करता है.
बारिश का मौसम मोरों के प्रजनन (ब्रीडिंग) का समय कहा जाता है. इसलिए इस दौरान नर मोर ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं और बार बार पंख फैलाकर नाचते हैं.
ऐसा नहीं है कि मोर सिर्फ बारिश देखकर खुशी से नाचता है. बारिश के साथ ठंडा मौसम भी उनके लिए अनुकूल होता है. इसी मौसम में उनकी साथी बनाने की प्रक्रिया भी तेज हो जाती है.
मोर का नृत्य केवल खूबसूरती दिखाने के लिए नहीं होता. पंख फैलाना, उन्हें हिलाना और एक तरह की खास आवाज निकालना, ये सब मोरनी का ध्यान अपनी ओर खींचने का तरीका होता है. इसलिए वह ऐसा खूबसूरत वातावरण बनाते हैं.
इसलिए जब भी मानसून में मोर पंख फैलाकर नाचता दिखे, समझिए कि यह प्रकृति का एक खास हिस्सा है. कहते है कि बारिश और मोर का रिश्ता सदियों से खूबसूरती और उल्लास का प्रतीक माना जाता है, जिसपर बॉलीवुड में भी कई गाने लिखे गए.