भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा देश के सबसे बड़े और पवित्र धार्मिक उत्सवों में से एक मानी जाती है. इस दौरान भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा भव्य रथों पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देते हैं. श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ रथ खींचते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रथ यात्रा के दौरान कुछ खास रंगों के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है. हालांकि इसे लेकर कोई अनिवार्य नियम नहीं है, लेकिन इन रंगों का आध्यात्मिक महत्व बताया गया है. आइए जानते हैं रथ यात्रा में किन रंगों के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है.
पीला
पीला रंग ज्ञान, सत्य, समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है. भगवान विष्णु से जुड़े इस रंग को रथ यात्रा के दौरान पहनना शुभ माना जाता है. महिलाएं पीली साड़ी, सलवार सूट या दुपट्टा पहन सकती हैं, जबकि पुरुष पीला कुर्ता या पारंपरिक परिधान चुन सकते हैं. मान्यता है कि इससे सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य की प्राप्ति होती है.
सफेद
सफेद रंग सादगी, शांति और पवित्रता का संदेश देता है. भगवान जगन्नाथ के भक्त अक्सर सफेद सूती कपड़े पहनकर पूजा और रथ यात्रा में शामिल होते हैं. यह रंग मन की शुद्धता और भगवान के प्रति समर्पण का प्रतीक माना जाता है.
भगवा
भगवा रंग भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में बेहद पवित्र माना जाता है. यह त्याग, साहस, तपस्या और आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक है. कई संत और साधु धार्मिक आयोजनों में भगवा वस्त्र धारण करते हैं. इसलिए रथ यात्रा के दौरान भी इस रंग का विशेष महत्व माना जाता है.
लाल
लाल रंग शक्ति, समृद्धि, उत्सव और शुभ शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. महिलाएं लाल बॉर्डर वाली साड़ी या अन्य पारंपरिक परिधान पहनती हैं, जबकि कई पुरुष सफेद धोती के साथ लाल किनारी वाला अंगवस्त्र या कुर्ता धारण करते हैं. मान्यता है कि यह रंग सुख-समृद्धि और सफलता का संकेत देता है.
नीला
भगवान जगन्नाथ को भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप माना जाता है, इसलिए नीले रंग का भी विशेष महत्व है. यह रंग अनंतता, करुणा, सुरक्षा और दिव्य चेतना का प्रतीक माना जाता है. रथ यात्रा के अवसर पर हल्के या रॉयल ब्लू रंग के पारंपरिक वस्त्र पहनना आध्यात्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है. साथ ही यह रंग आकर्षक और गरिमापूर्ण लुक भी देता है.