दिल्ली-हावड़ा रेल रूट के सबसे व्यस्त स्टेशनों में शामिल पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर सावन के पहले दिन से ही बोल बम के जयघोष गूंजने लगे. देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक के लिए हजारों श्रद्धालु ट्रेनों के जरिए सुल्तानगंज की ओर रवाना हुए. भीड़ को देखते हुए रेलवे, जीआरपी और आरपीएफ ने विशेष इंतजाम किए हैं. सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही देशभर में शिवभक्ति का रंग चढ़ गया है. मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं, वहीं झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक के लिए कांवड़ियों का सैलाब भी निकल पड़ा. दिल्ली-हावड़ा रेल रूट के प्रमुख स्टेशन पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर पहले ही दिन हजारों शिवभक्त जुटे. पूरा स्टेशन बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा. कंधों पर कांवड़, भगवा वस्त्र और चेहरे पर भक्ति का उत्साह लिए श्रद्धालु ट्रेनों के जरिए सुल्तानगंज की ओर रवाना होते दिखाई दिए.
सुल्तानगंज से जल लेकर 110 किलोमीटर पैदल पहुंचेंगे बाबा धाम
बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले अधिकांश श्रद्धालु पहले बिहार के सुल्तानगंज पहुंचते हैं, जहां उत्तरवाहिनी गंगा से पवित्र जल भरते हैं. इसके बाद करीब 110 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा पूरी कर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं. सावन के दौरान इस यात्रा का धार्मिक महत्व बेहद खास माना जाता है, इसलिए हर साल लाखों श्रद्धालु इसमें शामिल होते हैं.
स्टेशन और ट्रेनों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कांवड़ियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है. पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे कर्मचारियों की अतिरिक्त तैनाती की गई है. जैसे ही बिहार और झारखंड की ओर जाने वाली ट्रेनों के प्लेटफॉर्म पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती है, सुरक्षा कर्मी मोर्चा संभाल लेते हैं. यात्रियों को सुरक्षित तरीके से ट्रेन में चढ़ाने, प्लेटफॉर्म पर भीड़ नियंत्रित करने और किसी तरह की अव्यवस्था रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है.
बच्चों से लेकर बुजुर्ग और महिलाएं भी भक्ति में लीन
इस बार की कांवड़ यात्रा में हर उम्र के श्रद्धालुओं का उत्साह देखने को मिल रहा है. स्टेशन पर बच्चे, युवा, बुजुर्ग और बड़ी संख्या में महिलाएं भी बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए रवाना होती दिखीं. भगवा वस्त्रों में सजे श्रद्धालुओं के हाथों में कांवड़ और होंठों पर "बोल बम" के जयघोष ने पूरे स्टेशन का माहौल भक्तिमय बना दिया. कई श्रद्धालु पहली बार यात्रा पर निकले हैं, जबकि बड़ी संख्या में ऐसे भक्त भी हैं जो वर्षों से लगातार बाबा धाम की यात्रा कर रहे हैं.
36 साल से निभा रहे आस्था की परंपरा, बोले- छाले पड़ते हैं, फिर भी हर साल जाएंगे
स्टेशन पर मिले श्रद्धालु पवन पाल ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से बाबा धाम जा रहे हैं और हर बार करीब 120 किलोमीटर पैदल चलकर जलाभिषेक करते हैं. एक अन्य बुजुर्ग श्रद्धालु ने कहा कि लंबी यात्रा के दौरान पैरों में छाले पड़ जाते हैं, लेकिन बाबा के प्रति आस्था हर कठिनाई को आसान बना देती है.
वहीं जीऊत नाम के श्रद्धालु ने बताया कि वह पिछले 36 वर्षों से लगातार बैद्यनाथ धाम की यात्रा कर रहे हैं. उनका कहना है कि यह केवल यात्रा नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है, जिसे वह हर साल पूरी निष्ठा के साथ निभाते हैं.