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धर्म

बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है विजयादशमी, देश के कई हिस्सों में हो रही है रावण दहन की तैयारियां, देखें तस्वीरें

gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 04 अक्टूबर 2022,
  • Updated 8:50 PM IST
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5 अक्टूबर को देश के कई हिस्सों में रावण दहन किया जाएगा. ये दिन दशहरे के रूप में मनाया जाता है. दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है.  बता दें, इस साल बड़े ही धूमधाम से रावण दहन किया जाएगा. इसकी तैयारियां भी जोरो-शोरों से चल रही है. दो साल बाद धूमधाम से दशहरे का आयाेजन किया जाएगा. काेराेना की वजह से दाे साल तक  रावण दहन नहीं हुआ था. लेकिन इस बार विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा.  (फोटो सोर्स: PTI)

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दशहरे का महत्व और मान्यता की बात करें, तो दशहरे के दिन ही भगवान राम ने रावण पर विजय प्राप्त की थी. इसी दिन नवरात्रि की समाप्ति भी होती है , और इसी दिन देवी की प्रतिमा का विसर्जन भी होता है. इस दिन अस्त्र शस्त्रों की पूजा की जाती है और विजय पर्व मनाया जाता है. (फोटो सोर्स: PTI)
 

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कहते हैं कि इस दिन महिषासुर मर्दिनी मां दुर्गा और भगवान राम की पूजा करनी चाहिए. इससे सम्पूर्ण बाधाओं का नाश होगा और जीवन में विजय श्री प्राप्त होगी.  (फोटो सोर्स: PTI)

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दशहरे के दिन अस्त्र शस्त्र की पूजा करने से उस अस्त्र शस्त्र से नुकसान नहीं होता. साथ ही नवग्रहों को नियंत्रित करने के लिए भी दशहरे की पूजा अदभुत होती है.  (फोटो सोर्स: PTI)
 

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मान्यता है कि भगवान राम को जब वनवास हुआ था, तब रावण ने माता सीता का हरण कर लिया था. जिसके बाद वानर सेना की मदद से प्रभु श्री राम ने लंका पर चढ़ाई कर दी थी, जिसमें रावण के साथ उनका भीषण युद्ध हुआ. उस युद्ध में रावण और उसके पूरे कुल का नाश हो गया था.  (फोटो सोर्स: PTI)
 

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प्रभु श्रीराम के हाथों ही रावण का वध हुआ था. ये युद्ध 10 दिनों तक चला था. 10वें दिन विजयादशमी को रावण मारा गया था. इसीलिए इस दिन को विजयादशमी का पर्व भी कहा जाता है.  (फोटो सोर्स: PTI)

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