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Paris Olympics 2024: कर्णम मल्लेश्वरी से मनु भाकर तक, इन आठ भारतीय महिला एथलीट्स ने किया है ओलंपिक्स में देश का नाम रोशन

gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 30 जुलाई 2024,
  • Updated 12:46 PM IST
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मनु भाकर (2024) 
मनु भाकर ने 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर भारत के 12 साल के ओलंपिक शूटिंग मेडल के सूखे को खत्म कर दिया. मनु भाकर ने ओलंपिक पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला निशानेबाज बनकर इतिहास रच दिया. हरियाणा के झज्जर में जन्मी मनु भाकर जब स्कूल में थीं तब उन्होंने टेनिस, स्केटिंग और बॉक्सिंग जैसे खेलों में कदम रखा. उन्होंने 'थांग ता' नामक मार्शल आर्ट की एक विधा में भी भाग लिया और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते. जब वह महज 14 साल की थीं, तब उन्होंने बिना कुछ सोचे शूटिंग में हाथ आजमाने का फैसला किया. लेकिन अब लगता है कि मनु शूटिंग के लिए ही बनी हैं, ओलंपिक पदक जीतने से पहले वह कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं. 

(Photo: Twitter)

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कर्णम मल्लेश्वरी (2000, सिडनी) 
कर्णम मल्लेश्वरी ने 19 सितंबर 2000 को ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया. 69 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग केटेगरी में प्रतिस्पर्धा करते हुए, मल्लेश्वरी ने सिडनी इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में ब्रॉन्ज मेडल हासिल करने के लिए कुल 240 किलोग्राम वजन उठाया. इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने उन्हें पहलवान केडी जाधव और टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस जैसे दिग्गज भारतीय एथलीटों के साथ खड़ा कर दिया. 

(Photo: Twitter)

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साइना नेहवाल (2012, लंदन) 
4 अगस्त 2012 को साइना नेहवाल ओलंपिक पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बनीं. नेहवाल ने वीमेन सिंगल्स में बैडमिंटन ब्रॉन्ज जीता, जब उनकी चीनी प्रतिद्वंद्वी वांग शिन घुटने की चोट के कारण रिटायर हो गईं. इस जीत ने नेहवाल के दृढ़ संकल्प को उजागर किया, जिससे भारतीय बैडमिंटन में प्रोफेशनल्स के रूप में उनकी स्थिति मजबूत हुई.
(Photo: Twitter)

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मैरी कॉम (2012, लंदन) 
पांच बार की विश्व चैंपियन मैरी कॉम ने 8 अगस्त 2012 को महिला मुक्केबाजी फ्लाईवेट (51 किग्रा) वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया. मैरी कॉम भारतीय खेलों में आज बड़ा नाम है. वह पूरे देश की बेटियों के लिए प्रेरणा बनकर उभरीं. खासतौर पर नॉर्थ-ईस्ट भारत को एक अलग पहचान दी. 
(Photo: PTI)

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साक्षी मलिक (2016, रियो डी जनेरियो) 
साक्षी मलिक 17 अगस्त 2016 को महिलाओं की फ्रीस्टाइल 58 किलोग्राम कुश्ती स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर राष्ट्रीय सनसनी बन गईं. अपने प्रतिद्वंद्वी, एशियाई चैंपियन ऐसुलु टाइनीबेकोवा को पीछे छोड़ते हुए, मलिक ने मुकाबले के आखिरी नौ सेकंड में शानदार वापसी करते हुए जीत हासिल की. उनकी जीत ने खेलों में भारतीय महिलाओं की अदम्य भावना को प्रदर्शित किया. 
(Photo: Facebook)

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पीवी सिंधु (2016, रियो डी जनेरियो और 2021, टोक्यो) 
पीवी सिंधु ने दो ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रच दिया. उन्होंने 2016 के रियो ओलंपिक में स्पेन की कैरोलिना मारिन के खिलाफ फाइनल के बाद रजत पदक हासिल किया. 1 अगस्त, 2021 को, सिंधु ने भारतीय बैडमिंटन में अपनी विरासत को मजबूत करते हुए, तीसरे स्थान के प्ले-ऑफ में चीन की हे बिंगजियाओ को हराकर टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक अपने नाम किया. 
(Photo: Twitter)

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मीराबाई चानू (2021, टोक्यो) 
24 जुलाई 2021 को मीराबाई चानू ने टोक्यो ओलंपिक में 49 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग में रजत पदक जीता. मणिपुर की रहने वाली चानू ने कुल 202 किग्रा वजन उठाया और चीन की होउ झिहुई के बाद दूसरे स्थान पर रहीं. उनकी उपलब्धि ने टोक्यो खेलों में भारत का पहला पदक जीता और उनकी असाधारण ताकत और दृढ़ता को उजागर किया. 
(Photo: Facebook)

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लवलीना बोरगोहेन (2021, टोक्यो) 
लवलीना बोरगोहेन ने 4 अगस्त, 2021 को महिलाओं के 69 किग्रा मुक्केबाजी वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया. सेमीफाइनल में तुर्की की विश्व चैंपियन बुसेनाज सुरमेनेली से हारने के बावजूद, बोरगोहेन के प्रदर्शन ने उन्हें ओलंपिक जीतने वाली तीसरी भारतीय मुक्केबाज बना दिया. विजेंदर सिंह और मैरी कॉम के बाद उन्होंने बॉक्सिंग में मेडल जीता.  
(Photo: Twitter)

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